गुजरात

गांधीनगर की फैक्ट्री में जोरदार धमाका बॉयलर फटने के बाद लगी आग

Ratna Netam
15 Oct 2026 6:40 PM IST
गांधीनगर की फैक्ट्री में जोरदार धमाका बॉयलर फटने के बाद लगी आग
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गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर जिले में गुरुवार को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। छत्राल जीआईडीसी स्थित कोविका कलर कंपनी में अचानक बॉयलर फटने से चार लोगों की मौत हो गई। विस्फोट के बाद कंपनी परिसर में आग भी लग गई। घटना की जानकारी गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वसमसेट्टी ने दी। हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्र में चिंता का माहौल है। फिलहाल विस्फोट के कारणों और मृतकों की पहचान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।इस बीच गुजरात में आग लगने की एक अन्य घटना भी सामने आई है। गोधरा के सरकारी सिविल अस्पताल के दवा स्टोर रूम में 11 अक्टूबर की आधी रात को भीषण आग लग गई थी। इस दौरान गर्भवती महिलाओं सहित 200 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा था।
कोविका कलर कंपनी में बॉयलर फटने से चार की मौत
गांधीनगर जिले के छत्राल जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कोविका कलर कंपनी में गुरुवार को अचानक बॉयलर में विस्फोट हो गया।धमाका इतना गंभीर था कि इसकी चपेट में आने से चार लोगों की जान चली गई। विस्फोट के साथ ही कंपनी परिसर में आग लग गई, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वसमसेट्टी ने घटना की पुष्टि करते हुए चार लोगों की मौत होने की जानकारी दी।हालांकि, बॉयलर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के समय कंपनी परिसर में कितने लोग मौजूद थे, इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
विस्फोट के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
छत्राल जीआईडीसी में हुए इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में बॉयलर और अन्य उपकरणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।बॉयलर विस्फोट के पीछे तकनीकी खराबी, दबाव बढ़ना या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मृतकों की पहचान, संभावित घायलों की संख्या और कंपनी में हुए नुकसान का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों से मिलने वाली आगे की जानकारी के बाद हादसे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
गोधरा के सरकारी अस्पताल में भी लगी थी भीषण आग
गुजरात के गोधरा स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सरकारी सिविल अस्पताल में भी हाल ही में आग लगने की घटना सामने आई थी। अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आधी रात को अचानक आग भड़क उठी थी।आग लगते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं सहित 200 से अधिक मरीज मौजूद थे। मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल निकासी की व्यवस्था शुरू की।इस घटना की खबर 9 अक्टूबर को सामने आई थी।
200 से अधिक मरीजों को सुरक्षित निकाला
अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। कर्मचारियों ने मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बचाव अभियान चलाया।इस दौरान गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल के प्रभावित हिस्से से बाहर निकाला गया।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण 200 से अधिक मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी मरीज की जान नहीं गई। हालांकि, अस्पताल के दवा स्टोर में रखी बड़ी मात्रा में दवाएं आग से प्रभावित हुईं।
दोनों घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
गांधीनगर की केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट और गोधरा अस्पताल में लगी आग ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं के महत्व को सामने ला दिया है।गांधीनगर की घटना में चार श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें विस्फोट के कारणों की जांच कर रही हैं।वहीं, गोधरा अस्पताल में समय रहते मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। फिलहाल गांधीनगर की फैक्ट्री में हुए हादसे की जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
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