गुजरात

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर एकता नगर पहुंचेंगे पीएम मोदी

Kavita2
30 Oct 2026 11:57 AM IST
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर एकता नगर पहुंचेंगे पीएम मोदी
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गांधीनगर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री एकता नगर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर पहुंचकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य समारोह में देश की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बलों की उपलब्धियों की झलक देखने को मिलेगी। प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। समारोह में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों की पुलिस की आकर्षक परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सरदार पटेल के योगदान और देश की एकता का संदेश दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात पहुंचेंगे। दौरे के पहले चरण में वे बनासकांठा जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शाम को एकता नगर के लिए रवाना होंगे। यहां वे भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे और एकता प्रकाश पर्व तथा नर्मदा आरती में हिस्सा लेंगे।

शुक्रवार शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, लोककलाओं और पर्यटन से जुड़ी विशेषताओं को एक मंच पर प्रस्तुत करना है। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने वाले इस कार्यक्रम में कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विविधता और एकता का संदेश देंगे।

इसके बाद शाम करीब 7:45 बजे प्रधानमंत्री एकता प्रकाश पर्व का अवलोकन करेंगे। रात करीब 8:15 बजे वे नर्मदा आरती में शामिल होंगे। एकता नगर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरदार पटेल की विरासत के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम शनिवार, 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री सुबह करीब नौ बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आजादी के बाद वे स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में उनके योगदान को ऐतिहासिक माना जाता है। इसी वजह से उन्हें लौह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है।

भारत सरकार वर्ष 2014 से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती आ रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा सरदार पटेल के योगदान को याद करना है।

एकता नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवान शामिल होंगे। इस दौरान सुरक्षा बलों का अनुशासन, साहस और पेशेवर क्षमता प्रदर्शित की जाएगी।

सरकार के अनुसार, इस वर्ष की परेड में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास से संबंधित उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। परेड के माध्यम से सुरक्षा बलों की भूमिका और प्रभावित इलाकों में हुए बदलावों की जानकारी दी जाएगी।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में लगभग 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे। ये कलाकार देश के उन 126 जिलों से जुड़े होंगे, जो किसी न किसी समय वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं। प्रस्तुति में इन क्षेत्रों की चुनौतियों और शांति तथा विकास की दिशा में हुए प्रयासों को दर्शाया जाएगा।

समारोह में 'वंदे मातरम्' को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियों के माध्यम से देश की समृद्ध परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा लगभग पांच हजार कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की योजना है। इनमें शास्त्रीय और लोक नृत्य, संगीत तथा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं की झलक दिखाई देगी।

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान एकता नगर में बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की भी शुरुआत होगी। शनिवार सुबह करीब 9:15 बजे प्रधानमंत्री 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

इन परियोजनाओं में जल शोधन संयंत्र, सीवेज प्रबंधन सुविधाएं, नर्मदा घाट का उन्नयन, आईआरसीटीसी होटल और पर्यटन से संबंधित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा रेनफॉरेस्ट, यूनिटी ट्रेल और इको ट्रेल जैसी परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री गोरा-भंडरा सड़क विकास, स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खलवानी इको-टूरिज्म विकास और कैक्टस तथा बटरफ्लाई गार्डन से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और पर्यावरण अनुकूल विकास को प्रोत्साहित करना है।

एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में बनाई गई दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई 182 मीटर है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। नर्मदा नदी के निकट स्थित यह प्रतिमा गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।

यहां देश-विदेश से पर्यटक सरदार पटेल की प्रतिमा देखने और आसपास विकसित पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने पहुंचते हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर के आसपास फूलों की घाटी, जंगल सफारी, एकता नर्सरी, कैक्टस गार्डन और अन्य आकर्षण विकसित किए गए हैं। सरकार अब पर्यटन सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय दौरे को लेकर एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य स्तर के प्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों, कलाकारों तथा अन्य आमंत्रित लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संगठनों में राष्ट्रीय एकता की शपथ, दौड़ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों को देश की एकता और अखंडता के महत्व से परिचित कराना है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा सरदार पटेल की स्मृति को सम्मान देने के साथ एकता नगर के विकास और पर्यटन विस्तार से भी जुड़ा है। अब 31 अक्टूबर को होने वाले मुख्य समारोह पर देशभर की नजरें रहेंगी, जहां सरदार पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया जाएगा।

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