गुजरात

अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिलने पर पैरालंपिक एथलीट भावना चौधरी ने जताई खुशी

SHIDDHANT
27 Nov 2025 11:43 PM IST
अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिलने पर पैरालंपिक एथलीट भावना चौधरी ने जताई खुशी
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Gujrat गुजरात: अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिलने के बाद खेल जगत और खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस मौके पर पैरालंपिक एथलीट भावना चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है। भावना चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह हमारे पूरे देश और खेल से जुड़े सभी लोगों के लिए अत्यंत हर्ष का अवसर है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में एक विशिष्ट पहचान देंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू से ही इस पहल का स्वागत किया और इसका समर्थन किया है। यह हमारी खेल संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अनूठा अवसर है।"
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बड़े खेल आयोजनों से देश में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ता है। "इससे न केवल पेशेवर एथलीट बल्कि युवा खिलाड़ियों और छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी। अहमदाबाद की मेजबानी में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का व्यापक विकास होगा, जो आने वाले वर्षों में भारत की खेल प्रतिभाओं को तैयार करने में मदद करेगा। भविष्य की तैयारी पर ध्यान देते हुए भावना ने कहा कि इन खेलों से देश में खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी। "देशभर के खेल संस्थान, कोच और प्रशिक्षक इस आयोजन के तहत नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का लाभ उठा पाएंगे। यह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार खेल विकास का अवसर है।"
अहमदाबाद के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि यह पहली बार नहीं है कि शहर ने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की है, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी विशाल स्पर्धा में मेजबानी करना शहर और राज्य के लिए एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अहमदाबाद को मेजबानी मिलने पर बधाई दी और कहा कि यह आयोजन देश में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसर प्रदान करेगा।
खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए यह खबर उत्साहजनक साबित हुई है, और देशभर में खेलों की तैयारी और आयोजन के लिए पहले से ही सक्रियता दिखाई देने लगी है। इस ऐतिहासिक निर्णय से भारतीय खेल समुदाय को न केवल गर्व महसूस हो रहा है, बल्कि भविष्य में भारत के खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।
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