गुजरात

गुजरात में 87 जवान अस्पताल में भर्ती मचा हड़कंप

Ratna Netam
9 Oct 2026 3:02 PM IST
गुजरात में 87 जवान अस्पताल में भर्ती मचा हड़कंप
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गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर में परेड के लिए विभिन्न राज्यों से आए केंद्रीय सुरक्षा बलों के लगभग 87 कर्मियों को बुखार और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं के चलते सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के कर्मी शामिल हैं। कुछ जवान डेंगू का इलाज करा रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पन्शेरिया ने गांधीनगर सिविल अस्पताल का दौरा किया और भर्ती कर्मियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए।स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बताया कि परेड में भाग लेने के लिए ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सुरक्षा बलों के कर्मी गांधीनगर पहुंचे थे। इस दौरान लगभग 87 कर्मियों को बुखार और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है।
अस्पताल पहुंचकर जवानों से मिले स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पन्शेरिया ने गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचकर उपचार करा रहे सुरक्षा बलों के कर्मियों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की।मंत्री ने भर्ती कर्मियों से बातचीत करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अस्पताल में चल रहे उपचार और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति की भी जानकारी ली।सुरक्षा बलों के कर्मियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया।उन्होंने अस्पताल प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उपचार करा रहे कर्मियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पांच राज्यों से परेड के लिए पहुंचे थे जवान
स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पन्शेरिया के अनुसार, अस्पताल में भर्ती कर्मी देश के विभिन्न राज्यों से गांधीनगर आए थे।इनमें ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से पहुंचे BSF, CRPF और ITBP के जवान शामिल हैं।ये कर्मी परेड में भाग लेने के लिए गांधीनगर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ कर्मियों को बुखार और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं की शिकायत हुई।मंत्री ने बताया कि लगभग 87 कर्मियों को उपचार के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस सुरक्षा बल के कितने जवान अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा राज्यवार भर्ती कर्मियों की संख्या भी नहीं बताई गई है।
डेंगू के इलाज की भी हुई समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में डेंगू का उपचार करा रहे कर्मियों की स्थिति की जानकारी ली।डेंगू मच्छरों से फैलने वाला एक वायरल संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी तथा कुछ मामलों में त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं।डेंगू के गंभीर मामलों में रक्तस्राव, शरीर में तरल पदार्थ की कमी और अन्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण होती है।हालांकि, अस्पताल में भर्ती सभी 87 कर्मियों को डेंगू होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है। बताया गया है कि कर्मियों को बुखार और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भर्ती कराया गया है तथा कुछ का डेंगू का उपचार चल रहा है।इस मामले में डेंगू से प्रभावित कर्मियों की सटीक संख्या और उनकी जांच रिपोर्ट का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक से की मुलाकात
अस्पताल के दौरे के दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पन्शेरिया ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक से भी मुलाकात की।उन्होंने भर्ती सुरक्षा कर्मियों के इलाज की समीक्षा की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।मंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।अस्पताल प्रशासन के साथ हुई बातचीत में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि भर्ती कर्मियों को उचित देखभाल मिले और उपचार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जाए।हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी अतिरिक्त चिकित्सा टीम की तैनाती या विशेष व्यवस्था किए जाने का विवरण उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षा बलों के कर्मियों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण
BSF, CRPF और ITBP देश के प्रमुख केंद्रीय सुरक्षा बलों में शामिल हैं। इन बलों के कर्मी अलग-अलग परिस्थितियों में सुरक्षा और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।परेड और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में भी इन बलों के जवान भाग लेते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान कर्मियों के स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है।गांधीनगर में विभिन्न राज्यों से पहुंचे कर्मियों के बीमार होने के बाद अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है।हालांकि, सभी कर्मियों के बीमार होने का कारण एक ही है या अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें भर्ती कराया गया है, इसकी विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं है।
डेंगू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
डेंगू का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर सामान्यतः साफ और ठहरे हुए पानी में प्रजनन करते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों को ढककर रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह देते हैं।बुखार होने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है। विशेष रूप से तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, रक्तस्राव या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।डेंगू के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं।हालांकि, गांधीनगर में भर्ती सुरक्षा कर्मियों के संक्रमण के स्रोत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
गांधीनगर सिविल अस्पताल के दौरे के दौरान प्रफुल्ल पन्शेरिया ने भर्ती कर्मियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाया।उन्होंने डॉक्टरों तथा अस्पताल अधीक्षक के साथ उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, लगभग 87 सुरक्षा कर्मी बुखार और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कितने कर्मियों की स्थिति में सुधार हुआ है, कितनों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है और कितने अभी उपचाराधीन हैं।गांधीनगर में सुरक्षा बलों के कर्मियों के बीमार होने का यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल में उनके उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। चिकित्सा जांच और उपचार से जुड़ी आगे की आधिकारिक जानकारी आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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