गुजरात

वंदे भारत ट्रेनों में 73 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर, 722 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व

SHIDDHANT
29 April 2026 9:20 PM IST
वंदे भारत ट्रेनों में 73 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर, 722 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व
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Gandhinagar गांधीनगर। गुजरात में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को यात्रियों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। भारतीय रेलवे की इस प्रीमियम सेमी-हाईस्पीड सेवा ने आधुनिक और आरामदायक रेल यात्रा की नई पहचान बनाई है। फरवरी 2019 में एक ट्रेन से शुरू हुई यह सेवा अब देशभर में 162 से अधिक ट्रेनों तक फैल चुकी है, जो प्रमुख शहरों को तेज और सुरक्षित तरीके से जोड़ रही हैं।गुजरात से संचालित वंदे भारत ट्रेनों ने खास लोकप्रियता हासिल की है। 1 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य से चलने वाली 6 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों में करीब 73 लाख यात्रियों ने सफर किया। इस दौरान इन ट्रेनों से भारतीय रेलवे को लगभग 722 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है।
अहमदाबाद से मुंबई रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की पहली पसंद बन गई हैं। खासकर नौकरीपेशा, व्यवसायी और नियमित यात्रा करने वाले लोग इन ट्रेनों का अधिक उपयोग कर रहे हैं। कई रूट्स पर इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या क्षमता से भी ज्यादा रही है और कुछ जगहों पर ऑक्यूपेंसी 140 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। इससे इन ट्रेनों की बढ़ती लोकप्रियता साफ दिखाई देती है। वंदे भारत ट्रेनें ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार की गई हैं और इनमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनमें ऑटोमैटिक दरवाजे, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, ऑनबोर्ड मनोरंजन, सीसीटीवी निगरानी और बायो-वैक्यूम शौचालय जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए ट्रेन में फायर अलार्म और अग्निशामक यंत्र भी लगाए गए हैं।
यात्रियों को बेहतर खान-पान की सुविधा भी दी जा रही है। साफ-सुथरा और ताजा भोजन, अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद वाला मेन्यू और समय पर सेवा देने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है। बेहतर समयपालन, उच्च सुरक्षा मानक और साफ-सफाई के कारण यात्रियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। तेज रफ्तार और कम यात्रा समय की वजह से ये ट्रेनें कामकाजी और घूमने वाले यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही हैं। गुजरात में वंदे भारत एक्सप्रेस की यह सफलता भारतीय रेलवे के यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूत करती है। रेलवे आगे भी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव देने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
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