गुजरात

सरकारी स्कूल में नॉनवेज पार्टी, प्रिंसिपल निलंबित

SHIDDHANT
14 Oct 2025 12:35 AM IST
सरकारी स्कूल में नॉनवेज पार्टी, प्रिंसिपल निलंबित
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Surat सूरत। गुजरात के सूरत शहर में एक सरकारी स्कूल परिसर में आयोजित नॉनवेज पार्टी का मामला सामने आने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है। यह विवाद गोदादरा इलाके के प्राइमरी स्कूल नंबर 342 का है, जहां रविवार को पूर्व छात्रों का री-यूनियन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया कि स्कूल परिसर के अंदर लोग चिकन और मटन खाते हुए नजर आए। वीडियो के वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (SMC) की प्राइमरी एजुकेशन कमेटी ने रविवार शाम को जांच शुरू की और सोमवार को स्कूल प्रिंसिपल प्रभाकर एलीगाटिन को निलंबित कर दिया।
समिति के चेयरमैन राजेंद्र कपाड़िया ने कहा कि यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसर में नॉनवेज परोसा गया, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई। इस घटना से स्कूल की छवि प्रभावित हुई और प्रिंसिपल के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी। प्रिंसिपल प्रभाकर एलीगाटिन ने घटना की सफाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूर्व छात्रों का मिलन समारोह था। नॉनवेज आइटम बाहर से लाए गए थे और कार्यक्रम शुरू में फार्महाउस में आयोजित किया जाना था, लेकिन अंतिम समय में रद्द होने के कारण यह आयोजन स्कूल परिसर के पीछे किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय मौके पर उपस्थित नहीं थे।
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूल परिसरों में किसी भी प्रकार के निजी आयोजन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा कि अब से किसी भी निजी कार्यक्रम के लिए स्कूल परिसर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सूरत में सामाजिक और शैक्षिक समुदाय में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूल परिसरों में निजी आयोजनों की अनुमति न देना संस्था की प्रतिष्ठा और शैक्षिक माहौल को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
एसएमसी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और ऐसे किसी भी आयोजन में शामिल कर्मचारियों और प्रबंधन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है। स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जनता और माता-पिता से अपील की है कि वे इस प्रकार के आयोजनों के प्रति सतर्क रहें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इस तरह की घटनाएं स्कूलों की विश्वसनीयता पर असर डालती हैं और शिक्षा विभाग ने इस घटना को रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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