गुजरात

एकता नगर में बनेगा नया पर्यटन आकर्षण, पीएम मोदी करेंगे 'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' का शुभारंभ

Ratna Netam
29 Oct 2026 2:25 PM IST
एकता नगर में बनेगा नया पर्यटन आकर्षण, पीएम मोदी करेंगे ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया का शुभारंभ
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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में 2.62 किलोमीटर लंबे 'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' फॉरेस्ट इको-ट्रेल का उद्घाटन करेंगे। यह विशेष पर्यटन परियोजना भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवन, ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट विकसित यह इको-ट्रेल पर्यटकों को प्रकृति के बीच घूमने के साथ देश की विविधता में एकता की भावना को समझने का अवसर प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मिलेगी नई सौगात
31 अक्टूबर को देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के एकता नगर पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।एकता नगर में स्थित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' सरदार पटेल को समर्पित है। अब इस क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पर्यटन आकर्षण जुड़ने जा रहा है। 'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और प्रकृति के अनूठे संगम का अनुभव कराएगा।इस परियोजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और राष्ट्रीय एकता के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना भी है।
2.62 किलोमीटर लंबे इको-ट्रेल में क्या होगा खास?
'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' को एकता नगर के लिमडी गांव में विकसित किया गया है। इसका निर्माण स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (SoUADTGA) ने किया है।यह 2.62 किलोमीटर लंबा वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाला पैदल पर्यटन मार्ग है। इसमें पर्यटक हरियाली, प्राकृतिक वातावरण और विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक कलाकृतियों का आनंद ले सकेंगे।इको-ट्रेल को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ भारत की संस्कृति, विरासत और सामाजिक विकास की जानकारी भी मिले। पर्यटकों को प्रकृति के नजदीक रहने और पर्यावरण के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।
पांच अलग-अलग थीम पर विकसित किए गए विशेष जोन
इस इको-ट्रेल की सबसे बड़ी विशेषता इसके पांच विषयगत जोन हैं। प्रत्येक जोन भारत की अलग पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा।पहला जोन वन्यजीवन और प्रकृति को समर्पित होगा, जहां पर्यटक जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझ सकेंगे।दूसरा जोन युवाओं की भूमिका और देश के विकास में उनके योगदान को प्रदर्शित करेगा।तीसरा जोन महिला सशक्तिकरण पर आधारित होगा। इसमें महिलाओं की उपलब्धियों और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया जाएगा।चौथा जोन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित होगा, जबकि पांचवें जोन में देश की आध्यात्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।इन सभी क्षेत्रों में विषय आधारित प्रदर्शनियां और आकर्षक कलात्मक मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य पर्यटकों तक भारत की विविधता और एकता का संदेश पहुंचाना है।
पर्यटकों के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नए इको-ट्रेल में पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां प्रवेश द्वार, वाहन पार्किंग, टिकट काउंटर और सूचना केंद्र की व्यवस्था की गई है।इसके अतिरिक्त पर्यटकों के लिए पेयजल, बायो-टॉयलेट, बैठने के स्थान और बहुउद्देश्यीय विश्राम स्थल विकसित किए गए हैं।परिसर में बांस से निर्मित वॉचटावर भी बनाया गया है, जिससे आसपास के प्राकृतिक वातावरण को देखा जा सकेगा।पर्यटकों को रास्ते की जानकारी देने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड, सूचना पट्ट और ट्रेल मैप लगाए गए हैं। पत्थरों से बने बैठने के स्थान भी विकसित किए गए हैं, ताकि लोग भ्रमण के दौरान विश्राम कर सकें।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव
एकता नगर पहले से ही गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।अब नए इको-ट्रेल के शुरू होने से पर्यटकों के पास घूमने के लिए एक और आकर्षक विकल्प उपलब्ध होगा।स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पहले से विकसित पर्यटन सुविधाओं के साथ यह नया वन पर्यटन मार्ग क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करने में मदद कर सकता है।विशेष रूप से प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों और परिवार के साथ घूमने आने वाले लोगों के लिए यह एक शैक्षणिक और मनोरंजक स्थल बन सकता है।
स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
इस नई परियोजना से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है। पर्यटकों की संख्या और उनके ठहरने की अवधि बढ़ने पर होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।इसके अलावा पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय युवाओं और आसपास के ग्रामीण समुदायों को रोजगार तथा आजीविका के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।इको-ट्रेल जैसी परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम भी बन सकती हैं।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा इको-ट्रेल
'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' का उद्देश्य पर्यटकों को वन क्षेत्र की सुंदरता दिखाने के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है।प्राकृतिक वातावरण में घूमते हुए पर्यटक वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण के संतुलन के महत्व को समझ सकेंगे।यह परियोजना टिकाऊ पर्यटन की अवधारणा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
31 अक्टूबर को होगा भव्य शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन के साथ यह नया पर्यटन आकर्षण पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। राष्ट्रीय एकता दिवस पर इस परियोजना का शुभारंभ अपने आप में विशेष महत्व रखता है।सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्हीं की स्मृति में विकसित एकता नगर में यह नया इको-ट्रेल भारत की विविधता में एकता का संदेश देगा।'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' के शुरू होने से एकता नगर में पर्यटन के नए अवसर विकसित होने, पर्यावरण जागरूकता बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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