
अहमदाबाद: गुजरात में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। राज्य के सूरत, नवसारी, वलसाड और अहमदाबाद सहित करीब 250 तहसीलों में 5 से लेकर 20 इंच तक हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की 17 टीमों के साथ-साथ वलसाड और नवसारी में भारतीय सेना की 4 टुकड़ियों को तैनात किया गया है, जबकि 4 अतिरिक्त टुकड़ियों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
तटरक्षक बल (Coast Guard) और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से बाढ़ के पानी और छतों पर फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। अब तक पूरे राज्य में 50,000 से अधिक प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।
दक्षिण गुजरात के बाद अब मध्य और उत्तर गुजरात में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजधानी क्षेत्र और अहमदाबाद के बोपल, घूमा, आंबली तथा वेजलपुर जैसे इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे सवा सौ से अधिक सोसायटियाँ जलमग्न हो चुकी हैं। सड़कों पर भारी जलभराव के कारण 100 से अधिक मार्ग बंद या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बीते 24 घंटों में अहमदाबाद के मेहमदाबाद में सर्वाधिक 20 इंच, धोलका में 19 इंच, वीरमगाम में 15 इंच तथा सूरत और वलसाड के कई हिस्सों में 17 से 18 इंच तक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बनासकांठा, पाटण, सुरेंद्रनगर और गांधीनगर में अभी भी 'रेड अलर्ट' जारी रखा है।
आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में खुद पानी में उतरकर जमीनी हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, डीजीपी जी. एस. मलिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की। राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों, भोजन पैकेट, चिकित्सा सहायता और वित्तीय मदद के लिए तुरंत 400 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है।
सूरत और नवसारी में मोर्चा संभाल रहे गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने बीमा कंपनियों से बाढ़ के कारण वाहनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान का मानवीय आधार पर शीघ्र भुगतान करने की अपील की है। फिलहाल, पूरे राज्य में मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है।





