गुजरात

राष्ट्रीय एकता पदयात्रा शुरू, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर देशभर के युवा एक साथ चले

SHIDDHANT
26 Nov 2025 10:07 PM IST
राष्ट्रीय एकता पदयात्रा शुरू, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर देशभर के युवा एक साथ चले
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Anadgad आणंद। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर बुधवार को गुजरात के आणंद से भव्य राष्ट्रीय एकता मार्च शुरू हुआ। यह 11 दिन की 180 किलोमीटर लंबी पदयात्रा केवड़िया की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक जाएगी। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का ‘मेरा युवा भारत’ इस ऐतिहासिक यात्रा का आयोजक है। सुबह सबसे पहले सभी बड़े मेहमान सरदार पटेल के पैतृक गांव करमसद पहुंचे और उनके घर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शास्त्री मैदान, वल्लभ विद्यानगर में मुख्य समारोह हुआ।
इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, राज्य मंत्री निमुबेन बांभनिया, गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, कई मंत्री, दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति और युवा मामलों की सचिव पल्लवी जैन गोविल मौजूद रहे। हजारों 'मेरा युवा भारत स्वयंसेवक' भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखित संदेश भेजकर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की एकता की भावना आज भी हमें रास्ता दिखाती है और आज का युवा ही आत्मनिर्भर भारत बनाएगा। समारोह में नया ‘सरदार गीत’ लोकार्पित किया गया और देशभर में हुई जिला-स्तरीय पदयात्राओं का वीडियो दिखाया गया। दोपहर 12 बजे सबने मिलकर हरी झंडी दिखाई और 'आत्मनिर्भर भारत' की शपथ ली।
पहले दिन पदयात्रियों ने 10.40 किलोमीटर की दूरी तय की और शाम को नावली में रुके। रास्ते में दस जगहों पर सरदार की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। शास्त्री मैदान में “सरदार और कृषि सहकारिता की नींव” नाम की बड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसके साथ ही देश के चार कोने से चार और ‘प्रवाह यात्राएं’ भी चल रही हैं। गंगा प्रवाह दिल्ली से, यमुना प्रवाह जयपुर से, नर्मदा प्रवाह नागपुर से और गोदावरी प्रवाह 28 नवंबर से मुंबई से शुरू होकर आणंद आएंगी। फिर सभी एक साथ मुख्य पदयात्रा में शामिल हो जाएंगे।
शाम को नावली में जोरदार सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। लोक नृत्य, देशभक्ति गीत और सरदार पटेल के जीवन पर नुक्कड़ नाटक पेश किए गए। हजारों युवाओं ने “एक भारत, आत्मनिर्भर भारत” के नारे लगाए। अगले दस दिनों में यह पदयात्रा गुजरात के कई जिलों से गुजरेगी। हर जगह प्रदर्शनियां, ग्राम सभाएं, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे। 6 दिसंबर को सभी यात्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचेंगे।
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