गुजरात

सरकारी अस्पताल के दवा स्टोर में आधी रात लगी भीषण आग

Kavita2
9 Oct 2026 11:24 AM IST
सरकारी अस्पताल के दवा स्टोर में आधी रात लगी भीषण आग
x

गोधरा। गुजरात के गोधरा में मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी सिविल अस्पताल में आधी रात को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के दवा स्टोर रूम में अचानक आग लगने के कारण वहां भर्ती गर्भवती महिलाओं समेत 200 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। अस्पताल प्रशासन की तत्परता से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना के समय अस्पताल में 200 से ज्यादा मरीजों का उपचार चल रहा था। देर रात अचानक आग लगने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

आधी रात को दवा स्टोर रूम में भड़की आग

जानकारी के अनुसार, गोधरा स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सरकारी सिविल अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आधी रात को आग लग गई। आग की घटना सामने आते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दवा स्टोर रूम अस्पताल का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जहां मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं और अन्य चिकित्सा सामग्री रखी जाती है। ऐसे स्थान पर आग लगने से अस्पताल की सामान्य व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा रहता है।

घटना के समय अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती थे। ऐसे में आग लगने की सूचना मिलते ही सबसे पहले मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की जरूरत पड़ी।

हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी में यह भी नहीं बताया गया है कि स्टोर रूम में रखी कितनी दवाएं या अन्य सामग्री आग से प्रभावित हुई हैं।

गर्भवती महिलाओं समेत 200 से अधिक मरीज निकाले गए

अस्पताल में आग लगने के दौरान 200 से अधिक मरीजों का उपचार चल रहा था। इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। आग की गंभीरता को देखते हुए सभी मरीजों को अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की गई।

अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। कई मरीज उपचार के दौरान स्वयं चलने-फिरने की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में बचाव कार्य के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

गोधरा के सरकारी सिविल अस्पताल में भी बड़ी संख्या में मरीजों की मौजूदगी के कारण स्थिति संवेदनशील थी। हालांकि, प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी मरीज सुरक्षित हैं। किसी मरीज के घायल होने या जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा

अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंच गए। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन और पुलिस विभाग के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। एक ओर आग पर नियंत्रण पाने की आवश्यकता होती है, वहीं दूसरी ओर मरीजों और अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ती है।

इस घटना में भी बचाव कार्य के दौरान मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की तत्परता के कारण सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में सफलता मिली।

हालांकि, आग पर पूरी तरह काबू पाने में कितना समय लगा और अग्निशमन विभाग की कितनी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।

अस्पताल परिसर में मची अफरा-तफरी

आधी रात को आग लगने के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। उस समय बड़ी संख्या में मरीज उपचाराधीन थे। अचानक आग की सूचना मिलने से अस्पताल की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।

अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ऐसी स्थिति चिंताजनक होती है, क्योंकि उन्हें उपचार के साथ सुरक्षित वातावरण की भी आवश्यकता होती है।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और अन्य भर्ती मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सावधानी बरतना जरूरी होता है।

घटना के दौरान अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को बाहर निकालने की व्यवस्था की। सभी मरीजों के सुरक्षित बाहर निकल आने से बड़ी राहत मिली।

हालांकि, मरीजों को बाद में अस्पताल के किन वार्डों या अन्य चिकित्सा संस्थानों में स्थानांतरित किया गया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

दवा स्टोर में आग लगने से नुकसान की आशंका

अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आग लगने से वहां रखी चिकित्सा सामग्री को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन सामने नहीं आया है।

दवा स्टोर किसी भी अस्पताल की उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यहां मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं और अन्य सामग्री का भंडारण किया जाता है।

यदि ऐसी जगह आग लगती है, तो उसका असर अस्पताल की दवा आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हालांकि, गोधरा के इस अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि आग से स्टोर रूम में कितनी सामग्री जली और अस्पताल को कितना आर्थिक नुकसान हुआ।

आग लगने के कारणों की जानकारी बाकी

गोधरा के सरकारी सिविल अस्पताल में आग कैसे लगी, इसका कारण अभी सामने नहीं आया है। उपलब्ध जानकारी में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की पुष्टि नहीं की गई है।

ऐसी घटनाओं में आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए संबंधित परिसर और उपकरणों की जांच महत्वपूर्ण होती है।

इसके अलावा अस्पताल में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था का आकलन भी जरूरी होता है।

हालांकि, इस घटना के संबंध में किसी औपचारिक जांच के आदेश या जांच रिपोर्ट की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा

गोधरा के मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी सिविल अस्पताल में आधी रात को हुई आग की घटना गंभीर थी। अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आग लगने के समय 200 से अधिक मरीजों का उपचार चल रहा था।

इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। ऐसे में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।

फायर ब्रिगेड, पुलिस और अस्पताल प्रशासन की तत्परता से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे संभावित बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।

अब आग लगने का कारण, दवा स्टोर रूम में हुए नुकसान और अस्पताल की सामान्य सेवाओं पर पड़े असर का विवरण सामने आना बाकी है। फिलहाल, राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस घटना में सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

Next Story