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वडोदरा। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल से लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को गुजरात में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में बड़ी राहत मिल सकती है। गुजरात सरकार की मंजूरी के बाद वडोदरा नगर निगम (VMC) ने उनके आवास के पास स्थित विवादित भूखंड को आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, कुल 978 वर्ग मीटर जमीन में से 500 वर्ग मीटर जमीन यूसुफ पठान को मुफ्त में दी जाएगी, जबकि शेष 478 वर्ग मीटर जमीन रियायती दर पर बेची जाएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक 23 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें जमीन आवंटन पर विचार किया जाएगा।
23 अक्टूबर को स्थायी समिति की बैठक
वडोदरा नगर निगम सचिव कार्यालय की ओर से 19 अक्टूबर को जारी नोटिस के अनुसार, 23 अक्टूबर को स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के एजेंडे में यूसुफ पठान को जमीन आवंटित करने से संबंधित प्रस्ताव शामिल किया गया है।नगर निगम आयुक्त की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, राज्य सरकार ने जमीन आवंटन को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस फैसले को लागू करने के लिए नगर निगम की संबंधित समितियों और सामान्य सभा से आवश्यक स्वीकृति मिलना बाकी है।ऐसे में 23 अक्टूबर की बैठक यूसुफ पठान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
20 करोड़ से ज्यादा कीमत की जमीन
जानकारी के अनुसार, विवादित भूखंड वडोदरा के तांडलजा इलाके में स्थित है। यह जमीन यूसुफ पठान के आवास के पास है और इसका कुल क्षेत्रफल 978 वर्ग मीटर है।इस भूखंड की अनुमानित कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपये बताई गई है।प्रस्ताव के तहत 500 वर्ग मीटर जमीन आवासीय उपयोग के लिए मुफ्त देने की बात कही गई है। वहीं, शेष 478 वर्ग मीटर जमीन निर्धारित बाजार मूल्य के 55 प्रतिशत पर आवंटित की जाएगी।इसका मतलब है कि जमीन के दूसरे हिस्से पर यूसुफ पठान को मूल्यांकन के मुकाबले 45 प्रतिशत की रियायत मिल सकती है।
2012 से चल रहा जमीन को लेकर विवाद
यूसुफ पठान और वडोदरा नगर निगम के बीच इस भूखंड को लेकर विवाद नया नहीं है।रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2012 में पठान ने अपने आवास के पास स्थित जमीन को लंबी अवधि की लीज पर लेने की इच्छा जताई थी।हालांकि, वर्ष 2014 में गुजरात सरकार ने संबंधित प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।इसके बाद जमीन के उपयोग और कथित कब्जे को लेकर विवाद बढ़ गया। नगर निगम ने पठान पर भूखंड पर अनधिकृत कब्जा करने का आरोप लगाया था।इस मामले में नगर निगम की ओर से उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था।
हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला
जमीन से जुड़े विवाद के कारण मामला गुजरात हाईकोर्ट तक पहुंच गया था।रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने वर्ष 2025 में जमीन आवंटन से संबंधित पहले के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पठान के पक्ष में राहत नहीं दी थी।इसके बाद 31 अगस्त 2026 को यूसुफ पठान ने अपनी अपील बिना शर्त वापस ले ली थी।अब गुजरात सरकार की नई मंजूरी के बाद उसी भूखंड को आवंटित करने का प्रस्ताव सामने आया है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्रस्ताव पर चर्चा
यूसुफ पठान ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी।हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में वह तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों के समूह के साथ जुड़े हैं। इस समूह के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ आने के बाद गुजरात सरकार की ओर से जमीन आवंटन का प्रस्ताव सामने आया है।इस समय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुई हैं। हालांकि, जमीन आवंटन का फैसला उनके राजनीतिक रुख के कारण लिया गया है, ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
अंतिम मंजूरी के बाद ही मिलेगा मालिकाना अधिकार
गुजरात सरकार की मंजूरी के बावजूद यूसुफ पठान को फिलहाल इस भूखंड का अंतिम मालिक नहीं माना जा सकता।नगर निगम की स्थायी समिति और संबंधित प्राधिकरणों की स्वीकृति के बाद ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।यह प्रस्ताव गुजरात सरकार की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए लागू नीति के अंतर्गत लाया गया बताया जा रहा है।फिलहाल 23 अक्टूबर को होने वाली स्थायी समिति की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस बैठक के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि यूसुफ पठान को विवादित जमीन का हिस्सा मुफ्त और शेष भाग रियायती दर पर आवंटित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।
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