
कांडला। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बुधवार को एक बड़े आयात घोटाले का खुलासा करने का दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, एक रैकेट पाकिस्तान में बने सामान को कस्टम जांच से बचाने के लिए दूसरे देशों के रास्ते भारत लाने की कोशिश कर रहा था।
DRI ने खुफिया जानकारी के आधार पर कांडला पोर्ट पर कार्रवाई करते हुए 13 कंटेनरों को रोका। जांच के दौरान इन कंटेनरों से 364 मीट्रिक टन (MT) सूखी खजूर बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
DRI अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी को जानकारी मिली थी कि कुछ आयातक गलत तरीके अपनाकर प्रतिबंधित या संवेदनशील मूल के सामान को भारत में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर DRI की टीम ने कांडला पोर्ट पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध कंटेनरों की जांच शुरू की। जांच के दौराDRI ने कांडला पोर्ट पर पकड़ा बड़ा रैकेट, दूसरे देशों के रास्ते पाकिस्तान निर्मित सामान भारत लाने का आरोप
न 13 कंटेनरों को रोका गया।
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि इन कंटेनरों में रखे सामान के मूल देश को लेकर संदेह था।
पाकिस्तान निर्मित सामान को छिपाने का आरोप
DRI का आरोप है कि इस रैकेट में पाकिस्तान में बने सामान को सीधे भारत लाने के बजाय किसी तीसरे देश के रास्ते आयात किया जा रहा था, ताकि कस्टम जांच से बचा जा सके।
एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सामान के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया।
364 मीट्रिक टन सूखी खजूर जब्त
DRI के मुताबिक, जब्त की गई सूखी खजूर की कुल मात्रा 364 मीट्रिक टन है। इसकी बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एजेंसी ने सामान और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। आयात से संबंधित कागजात, बिल ऑफ एंट्री और अन्य रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
कस्टम नियमों के उल्लंघन की जांच
DRI यह जांच कर रही है कि क्या आयात प्रक्रिया के दौरान कस्टम नियमों का उल्लंघन किया गया। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सामान की जानकारी में किसी तरह की गलत घोषणा की गई थी या नहीं।
अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सीमा शुल्क कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निगरानी बढ़ी
भारत में आयात-निर्यात से जुड़े मामलों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रखती हैं। खासतौर पर ऐसे मामलों में जहां सामान के मूल देश को लेकर जानकारी छिपाने की आशंका होती है।
DRI देशभर में तस्करी, गलत आयात घोषणा और राजस्व नुकसान से जुड़े मामलों की जांच करती है।
कांडला पोर्ट पर पहले भी हुई हैं कार्रवाई
कांडला पोर्ट देश के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है, जहां बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। इसके चलते यहां आयात होने वाले सामान की जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
DRI और अन्य जांच एजेंसियां समय-समय पर यहां संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं।
आगे की जांच जारी
फिलहाल DRI ने जब्त किए गए सामान और दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट कितने समय से सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य खुलासे किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, कांडला पोर्ट पर DRI की कार्रवाई ने आयात के जरिए कथित रूप से नियमों को दरकिनार करने वाले एक नेटवर्क को सामने ला दिया है। अब जांच एजेंसी की नजर इस पूरे तंत्र से जुड़े लोगों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर है।





