गुजरात

समंदर में बड़ा एक्शन ईरानी नाव से 526 किलो ड्रग्स बरामद

Ratna Netam
30 Sept 2026 4:46 PM IST
समंदर में बड़ा एक्शन  ईरानी नाव से 526 किलो ड्रग्स बरामद
x
अहमदाबाद : गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) ने गहरे समुद्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ईरानी नाव को रोककर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ी गई नाव से करीब 526 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। इस कार्रवाई के दौरान नाव पर मौजूद पांच लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में इस खेप के तार कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क और कुख्यात ड्रग किंगपिन हाजी सलीम से जुड़े होने की बात सामने आई है।
अधिकारियों के अनुसार, पकड़ी गई ईरानी नाव का नाम ‘आज़ाद’ है। तलाशी के दौरान नाव से करीब 400 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 126 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। नाव पर सवार पांच लोगों की पहचान मोहम्मद याकूब बलूची, शकीरुल्लाह, फरीदुल्लाह, अहमद खान और वहीदुल्लाह खान के रूप में हुई है। सभी को शुरुआती पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीले पदार्थों की इस बड़ी खेप को भारत में कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
गुजरात ATS के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के सिद्धार्थ ने ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि एजेंसी को 10 सितंबर को इस संभावित तस्करी नेटवर्क के बारे में अहम खुफिया सूचना मिली थी। उनके मुताबिक, पुलिस इंस्पेक्टर जतिन पटेल को अहमदाबाद में हुई एक गोपनीय बैठक की जानकारी मिली थी। जांच में संकेत मिले कि यह बैठक एक बड़े नारकोटिक्स तस्करी ऑपरेशन से जुड़ी हुई थी।
ATS को मिली जानकारी के अनुसार, इस कथित नेटवर्क का संबंध हाजी सलीम के सिंडिकेट से बताया जा रहा है। गोपनीय बैठक में एक नाइजीरियाई नागरिक और NDPS मामले में वांछित आरोपी से जुड़े एक व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद ATS ने इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
जांच में सामने आया कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक ईरानी नाव को समुद्री रास्ते से भारतीय जलक्षेत्र की ओर भेजा गया था। योजना के मुताबिक, समुद्र के बीच नशीले पदार्थों की खेप को एक स्थानीय मछली पकड़ने वाली नाव में ट्रांसफर किया जाना था। इस तरह समुद्र में ही खेप का हस्तांतरण कर उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी की गई थी।
ATS को यह भी जानकारी मिली कि ‘आज़ाद’ नाम की ईरानी नाव ईरान से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप लेकर भारतीय समुद्री क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, नाव का संभावित रूट कोच्चि, लक्षद्वीप और मुंबई के आसपास के समुद्री इलाकों की तरफ बताया गया था। शुरुआती योजना के अनुसार, इस कंसाइनमेंट को समुद्र में तमिलनाडु में रजिस्टर्ड एक नाव पर ट्रांसफर किया जाना था।
जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि इस खेप के लिए एडवांस पेमेंट पहले ही किया जा चुका था। खुफिया सूचना की पुष्टि होने के बाद गुजरात ATS ने इंडियन कोस्ट गार्ड के साथ संपर्क किया और संयुक्त अभियान की तैयारी शुरू की। इसके बाद समुद्र में संदिग्ध नाव की तलाश और निगरानी की गई।
संयुक्त अभियान के दौरान एजेंसियों ने गहरे समुद्र में संदिग्ध ईरानी नाव ‘आज़ाद’ की पहचान की और उसे रोक लिया। नाव की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। बरामद सामग्री में करीब 400 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 126 किलोग्राम हेरोइन शामिल होने की जानकारी दी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने के बाद नाव पर मौजूद पांचों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि भारत में इस खेप को हासिल करने वाले लोग कौन थे और समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों को आगे किन स्थानों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही उस स्थानीय नाव और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिस पर समुद्र के बीच यह खेप ट्रांसफर किए जाने की योजना थी।
अधिकारियों की जांच में फिलहाल यह भी महत्वपूर्ण बिंदु है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों ने फंडिंग, परिवहन और खेप को रिसीव करने की जिम्मेदारी संभाली थी। हिरासत में लिए गए पांचों लोगों से पूछताछ के आधार पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
गुजरात ATS और इंडियन कोस्ट गार्ड की यह संयुक्त कार्रवाई समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े प्रयास के खिलाफ महत्वपूर्ण ऑपरेशन के रूप में सामने आई है। अब जांच एजेंसियों का फोकस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और भारत में मौजूद उसके संपर्कों तक पहुंचने पर है।
Next Story