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गुजरात में माधवपुर तीर्थधाम का होगा कायाकल्प, 43.72 करोड़ से शुरू हुआ रीडेवलपमेंट का दूसरा चरण

Kavita2
8 July 2026 3:03 PM IST
गुजरात में माधवपुर तीर्थधाम का होगा कायाकल्प, 43.72 करोड़ से शुरू हुआ रीडेवलपमेंट का दूसरा चरण
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पोरबंदर: गुजरात सरकार ने पोरबंदर जिले के ऐतिहासिक माधवपुर में स्थित श्री कृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम के विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण के तहत कुल 43.72 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक माधवरायजी मंदिर का संरक्षण और सुधार करना, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और इस तटीय धार्मिक स्थल को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को मिलेगा बढ़ावा

माधवपुर को भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के विवाह स्थल के रूप में धार्मिक मान्यता प्राप्त है। हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गुजरात सरकार इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर बनाया जाएगा। इसके साथ ही यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को अधिक आरामदायक अनुभव मिल सके।

हेरिटेज सर्किट के रूप में विकसित होगा माधवपुर

राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड की ओर से तैयार किए गए एक बड़े मास्टर प्लान का हिस्सा है।

मास्टर प्लान का उद्देश्य माधवपुर गांव के करीब एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी प्राचीन और धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक हेरिटेज सर्किट के रूप में विकसित करना है।

इस योजना के तहत क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पहले चरण में 47.99 करोड़ रुपये हुए खर्च

माधवपुर यात्राधाम विकास योजना का पहला चरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। इस चरण में करीब 47.99 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए गए थे।

पहले चरण के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा, बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को पूरा किया गया था।

अब दूसरे चरण में उन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे माधवपुर को एक व्यवस्थित और आकर्षक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

दूसरे चरण के विकास कार्यों में तीर्थयात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर क्षेत्र में बेहतर व्यवस्थाएं, आने-जाने के रास्तों में सुधार और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ बेहतर पर्यटन सुविधाएं भी मिल सकें।

इसके अलावा क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि पुरानी विरासत सुरक्षित रह सके।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

गुजरात सरकार लगातार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को विकसित करने पर जोर दे रही है। माधवपुर यात्राधाम का विकास भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि गुजरात में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

माधवपुर की पहचान भगवान कृष्ण और रुक्मिणी से जुड़ी होने के कारण इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

तीर्थ स्थल के विकास से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

बेहतर सड़क, सुविधाएं और पर्यटन ढांचे के विकास से माधवपुर में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार का लक्ष्य विरासत और विकास का संतुलन

गुजरात सरकार का कहना है कि माधवपुर के विकास में ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रीडेवलपमेंट का दूसरा चरण इसी सोच के साथ शुरू किया गया है, ताकि माधवपुर को एक ऐसा तीर्थ स्थल बनाया जा सके जहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और क्षेत्र की प्राचीन पहचान भी बनी रहे।

43.72 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद माधवपुर यात्राधाम धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है।

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