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वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में आयुर्वेद अस्पताल का कारोबार संभालने वाली एक महिला और उनके बेटे-बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार को पुराने शहर स्थित घर में तीनों मृत मिले। शुरुआती जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका पर पड़ताल कर रही है, लेकिन मौत का कारण और समय अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही घटनाक्रम के बारे में ठोस जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मृतकों की पहचान आरती सोनी, उनके बेटे नीलकंठ और बेटी जेनी के रूप में की गई है। अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में उनकी उम्र और बेटी के नाम की वर्तनी में अंतर है। परिवार ओल्ड पादरा रोड पर आयुर्वेद अस्पताल से जुड़े कारोबार का संचालन करता था। इस घटना के कारणों को लेकर परिवार के परिचित भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं।
घर में काम करने वाली महिला के पहुंचने पर चला पता
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे घरेलू कामगार आरती के घर पहुंचीं। दरवाजा खटखटाने पर भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने परिवार के परिचित केतन शाह से संपर्क किया, जो मौके पर पहुंचे। बार-बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर अतिरिक्त चाबी से घर खोला गया। अंदर तीनों को मृत देखने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू हुई। शव मिलने का समय और मौत होने का समय अलग हो सकता है। पुलिस ने शुरुआती निरीक्षण के आधार पर आशंका जताई है कि मौतें पहले हुई होंगी। हालांकि, इसकी अवधि का निर्धारण चिकित्सकीय जांच से ही किया जाएगा। अभी किसी निश्चित समय को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं बताया गया है।
कुछ दिन पहले अस्पताल बढ़ाने पर हुई थी बातचीत
परिवार के कारोबारी सहयोगी केतन शाह के मुताबिक, हाल में अस्पताल के विस्तार की योजना पर चर्चा हुई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में उनके हवाले से अस्पताल में विजिटिंग डॉक्टरों को जोड़ने की बातचीत का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि परिवार कारोबार आगे बढ़ाने की योजना बना रहा था। दूसरी रिपोर्ट में शाह ने आरती से कुछ दिन पहले हुई बातचीत और हाल में फ्लैट बुक किए जाने की जानकारी दी। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान किसी परेशानी का संकेत नहीं मिला था। हालांकि, किसी परिचित को परेशानी दिखाई न देना अपने आप में व्यक्ति की मानसिक स्थिति या मौत की वजह का प्रमाण नहीं है। इन बयानों से परिवार की हाल की गतिविधियों का संदर्भ मिलता है। इनके आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। कारोबारी योजनाओं और तीनों मौतों के बीच कोई संबंध स्थापित करने वाली पुष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पति के निधन के बाद परिवार संभाल रहा था कारोबार
आरती के पति चेतन सोनी का पिछले वर्ष दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था। इसके बाद आरती और उनके बच्चे परिवार के आयुर्वेद अस्पताल का काम संभाल रहे थे। परिवार आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण से भी जुड़ा था और जरोद क्षेत्र में निर्माण इकाई संचालित करता था। पति के निधन का उल्लेख परिवार की पृष्ठभूमि के रूप में सामने आया है। इसे वर्तमान घटना का कारण बताने वाला कोई पुष्ट पुलिस निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। इसी तरह आर्थिक संकट को भी मौतों की स्थापित वजह नहीं कहा गया है। जांच पूरी होने से पहले किसी एक घटना या परिस्थिति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा।
परिजनों और करीबी संपर्कों से पूछताछ
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। रिश्तेदारों और परिवार के निकट संपर्कों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त एंड्रयूज मैकवान ने कहा है कि मौत का सटीक समय और कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। फिलहाल जांच का केंद्र तीनों की मौत से पहले का घटनाक्रम समझना है। परिवार की अंतिम गतिविधियां, परिचितों से हुई बातचीत और घर से मिले साक्ष्य इस क्रम को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे। उपलब्ध खबरों में अभी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या किसी पर हत्या का आरोप तय किए जाने की पुष्टि नहीं है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
मौके से सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद केवल नोट नहीं मिलने से आत्महत्या की आशंका खारिज नहीं होती और न ही हत्या सिद्ध होती है। दोनों तरह के निष्कर्षों के लिए संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण जरूरी है। परिवार के तीन सदस्यों की मौत दुखद है, लेकिन इसकी वजह अभी अनिश्चित है। पुलिस की शुरुआती आशंका और अंतिम जांच निष्कर्ष में अंतर बनाए रखना जरूरी है। आगे पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक परीक्षण और पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा कि घर में क्या हुआ था।
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