गुजरात

अनंत अंबानी के वनतारा में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण पर मंथन

Ratna Netam
29 Oct 2026 3:37 PM IST
अनंत अंबानी के वनतारा में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण पर मंथन
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जामनगर : 29 अक्टूबर 2026। गुजरात का जामनगर इन दिनों वैश्विक वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का केंद्र बना हुआ है। अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र 'वनतारा' में EARAZA (यूरेशियन रीजनल एसोसिएशन ऑफ जूज एंड एक्वेरियम्स) का वार्षिक सम्मेलन 2026 आयोजित किया जा रहा है। 25 से 30 अक्टूबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के चिड़ियाघरों, वन्यजीव संरक्षण संस्थानों, पशु चिकित्सा विशेषज्ञों और वैज्ञानिक समुदाय के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण, उनकी चिकित्सा, पुनर्वास, जैव विविधता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
25 से 30 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
वनतारा में आयोजित EARAZA वार्षिक सम्मेलन 2026 की शुरुआत 25 अक्टूबर को प्रतिनिधियों के आगमन और स्वागत कार्यक्रम के साथ हुई। इसके अगले दिन 26 अक्टूबर को सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।सम्मेलन में पशु कल्याण, वन्यजीव चिकित्सा, संरक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न प्रजातियों के प्रजनन एवं पुनर्वास से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रही है।आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 29 अक्टूबर को हाथियों की देखभाल, पोषण, प्राइमेट पशु चिकित्सा और पशु चिकित्सकों की क्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र रखे गए हैं।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और वन्यजीव संरक्षण की आधुनिक तकनीकों को साझा करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
वनतारा में जुटे विभिन्न देशों के विशेषज्ञ
इस सम्मेलन में EARAZA से जुड़े सदस्य संस्थानों के निदेशक, प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक और आमंत्रित पर्यवेक्षक शामिल होने के पात्र हैं।EARAZA का उद्देश्य यूरेशियाई क्षेत्र के चिड़ियाघरों, एक्वेरियम, प्रजनन केंद्रों और वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।संगठन वन्यजीवों की वैज्ञानिक देखभाल, संरक्षण से जुड़े अनुसंधान, शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करता है।इस वर्ष भारत में सम्मेलन आयोजित होने से वनतारा को अपनी संरक्षण सुविधाओं और अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
अनंत अंबानी की पहल वनतारा बनी आयोजन की मेजबान
वनतारा की स्थापना अनंत मुकेश अंबानी ने वन्यजीवों के बचाव, उपचार, पुनर्वास और संरक्षण के उद्देश्य से की थी। गुजरात के जामनगर में विकसित इस केंद्र में विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों की देखभाल के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।वनतारा के अनुसार, यहां अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय, विशेषज्ञ चिकित्सा दल, वन्यजीव पुनर्वास केंद्र और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।यह केंद्र विशेष रूप से उन वन्यजीवों के उपचार और पुनर्वास पर ध्यान देता है, जिन्हें चोट, बीमारी, दुर्व्यवहार या अन्य कारणों से विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।EARAZA सम्मेलन की मेजबानी के माध्यम से वनतारा अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं के साथ अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा कर रहा है।
हाथियों की देखभाल और पशु चिकित्सा पर विशेष चर्चा
सम्मेलन के महत्वपूर्ण विषयों में हाथियों की चिकित्सा और उनके दीर्घकालिक कल्याण को प्रमुखता दी गई है।29 अक्टूबर के निर्धारित सत्रों में हाथियों की देखभाल, संतुलित पोषण और प्राइमेट प्रजातियों की पशु चिकित्सा से संबंधित विषय शामिल हैं।विशेषज्ञों के बीच विभिन्न प्रजातियों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, रोगों की पहचान और उपचार प्रणालियों को लेकर जानकारी साझा करने की व्यवस्था की गई है।वन्यजीवों की चिकित्सा में आधुनिक तकनीक, समय पर रोगों की जांच और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से अलग-अलग संस्थाओं को अपने अनुभवों की तुलना करने और वैज्ञानिक पद्धतियों को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और जैव विविधता पर मंथन
सम्मेलन में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जैव विविधता की सुरक्षा जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा रहे हैं।27 अक्टूबर के कार्यक्रम में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष कम करने, शहरी जैव विविधता, नागरिक विज्ञान और वन्यजीव रोगों की जांच पर केंद्रित सत्र निर्धारित किए गए थे।विशेषज्ञों के बीच यह समझ विकसित करने पर जोर है कि वन्यजीव संरक्षण केवल चिड़ियाघरों या पुनर्वास केंद्रों तक सीमित नहीं रह सकता।प्राकृतिक आवासों का संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और संकटग्रस्त प्रजातियों की निगरानी भी इसके महत्वपूर्ण पहलू हैं।ऐसी चर्चाएं उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती हैं, जहां बढ़ती मानवीय गतिविधियों के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं।
आधुनिक तकनीक और आयुर्वेद पर भी चर्चा
EARAZA सम्मेलन 2026 में वन्यजीव देखभाल की आधुनिक तकनीकों और आयुर्वेद से संबंधित विषयों को भी स्थान दिया गया है।28 अक्टूबर के कार्यक्रम में संरक्षण एवं प्रजनन कार्यक्रमों के साथ वन्यजीव चिकित्सा तकनीक और आयुर्वेद पर सत्र आयोजित करने की योजना थी।इसके अतिरिक्त वन्यजीवों के स्वास्थ्य की निगरानी, वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय क्षमता निर्माण से जुड़े मुद्दों को भी सम्मेलन का हिस्सा बनाया गया है।इन चर्चाओं के माध्यम से विशेषज्ञों को विभिन्न उपचार पद्धतियों और उनके वैज्ञानिक उपयोग से संबंधित अनुभव साझा करने का अवसर मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर
सम्मेलन का एक प्रमुख लक्ष्य वन्यजीव संरक्षण से जुड़े देशों और संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है।वन्यजीवों की देखभाल, अनुसंधान, संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम और जैव विविधता संबंधी चुनौतियां कई बार राष्ट्रीय सीमाओं से आगे तक फैली होती हैं।ऐसे में वैज्ञानिक जानकारी और विशेषज्ञता का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान महत्वपूर्ण हो जाता है।वनतारा पहले भी विभिन्न देशों के वन्यजीव संस्थानों के साथ सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ा रहा है। सम्मेलन के माध्यम से इस सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
प्रतिनिधियों के लिए विशेष सुविधाओं का इंतजाम
वनतारा की ओर से सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों के लिए आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन और आयोजन स्थल के भीतर आवाजाही की व्यवस्थाएं की गई हैं।आधिकारिक जानकारी के अनुसार, EARAZA के सदस्य प्रतिनिधियों के लिए सम्मेलन का पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है।प्रतिनिधियों को वनतारा की निर्धारित सुविधाओं का भ्रमण कराने की व्यवस्था भी कार्यक्रम का हिस्सा है। हालांकि, पशुओं की सुरक्षा और कल्याण को देखते हुए वन्यजीव क्षेत्रों में प्रवेश अधिकृत वाहन और गाइड के साथ ही किया जा सकता है।यह आयोजन आम पर्यटकों के लिए खुला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सदस्य संस्थानों और आमंत्रित प्रतिनिधियों पर केंद्रित है।
30 अक्टूबर को होगा सम्मेलन का समापन
छह दिवसीय EARAZA वार्षिक सम्मेलन 2026 का समापन 30 अक्टूबर को निर्धारित है। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिनिधियों की विदाई और प्रस्थान की व्यवस्था की गई है।इसके बाद इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए गिर राष्ट्रीय उद्यान और ताजमहल के भ्रमण का वैकल्पिक कार्यक्रम भी रखा गया है।जामनगर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण और वैज्ञानिक सहयोग से जुड़े विषयों को वैश्विक मंच मिला है।आयोजकों को उम्मीद है कि यहां साझा किए जा रहे अनुभव और विशेषज्ञों के बीच स्थापित संपर्क भविष्य में वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों तथा संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने में उपयोगी साबित होंगे।
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