गुजरात
भारत का क्वांटम मिशन सफल: 5.56 किलोमीटर फ्री-स्पेस QKD लिंक हासिल
Tara Tandi
5 Oct 2026 1:42 PM IST

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गांधीनगर: भारत ने 5.56 किलोमीटर की दूरी पर अपना पहला फ्री-स्पेस क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (QKD) लिंक दिखाया है। इस फील्ड ट्रायल में भास्करचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो-इन्फॉर्मेटिक्स (BISAG-N) और IIT गांधीनगर के बीच एक सुरक्षित क्वांटम कम्युनिकेशन चैनल सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
यह ट्रायल 27-28 सितंबर की रात को QNu लैब्स ने BISAG-N और IIT गांधीनगर के साथ मिलकर किया था।
इसमें फ्री-स्पेस ऑप्टिकल लिंक बनाए रखने के लिए QNu लैब्स के पॉइंटिंग, एक्विजिशन और ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया और पांच प्रतिशत से कम का स्टेबल क्वांटम बिट एरर रेट (QBER) हासिल किया गया।
इस सिस्टम ने 230-260 बिट्स प्रति सेकंड की दर से सुरक्षित कीज़ (keys) बनाईं।
इसके बाद इन कीज़ को BISAG-N के पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी-इनेबल्ड 'वैदिक कवच' प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया गया, जिससे टेस्ट मैसेज का सफल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन संभव हो सका।
इस डेमोंस्ट्रेशन में क्वांटम सिक्योरिटी के दो पूरक तरीकों को एक साथ लाया गया।
फ्री-स्पेस ऑप्टिकल चैनलों पर QNu लैब्स के हार्डवेयर-बेस्ड Armos QKD डिवाइस का इस्तेमाल किया गया, जबकि 'वैदिक कवच' ने क्वांटम रैंडम नंबर जनरेशन के साथ सॉफ्टवेयर-बेस्ड पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी प्रदान की।
इस इंटीग्रेटेड आर्किटेक्चर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि फिजिकल क्वांटम कम्युनिकेशन चैनल के कुछ समय के लिए उपलब्ध न होने पर भी यह काम करता रहे।
BISAG-N के डायरेक्टर जनरल डॉ. विनय ठाकुर ने कहा कि 'वैदिक कवच' और QNu लैब्स की QKD टेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन "प्रैक्टिकल क्वांटम-रेजिलिएंट कम्युनिकेशन सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम" है।
QNu लैब्स के को-फाउंडर और CEO सुनील गुप्ता ने कहा: "5.56 किलोमीटर के सफल डेमोंस्ट्रेशन ने लंबी दूरी के क्वांटम-सिक्योर नेटवर्क और सैटेलाइट-बेस्ड क्वांटम कम्युनिकेशन का रास्ता साफ कर दिया है।"
IIT गांधीनगर के ISTF के इंचार्ज कमोडोर मनीष त्रिपाठी (रिटायर्ड) ने कहा कि इस डेमोंस्ट्रेशन ने प्रैक्टिकल क्वांटम कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन फील्ड एनवायरनमेंट प्रदान किया।
उन्होंने कहा, "इससे पता चला कि उभरती हुई सुरक्षित कम्युनिकेशन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एकेडेमिया, स्वदेशी टेक्नोलॉजी और रियल-वर्ल्ड एक्सपेरिमेंटेशन को कैसे इंटीग्रेट किया जा सकता है।" फ्री-स्पेस QKD फाइबर के बजाय खुली हवा में ऑप्टिकल चैनलों के ज़रिए क्वांटम सिग्नल भेजता है, जिससे यह उन कम्युनिकेशन लिंक के लिए एक संभावित विकल्प बन जाता है जहाँ फाइबर बिछाना मुश्किल होता है।
इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लंबी दूरी और सैटेलाइट-आधारित क्वांटम कम्युनिकेशन में भी किया जा सकता है।
यह ट्रायल भारत के सुरक्षित कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने और क्वांटम-युग के नए सुरक्षा खतरों से निपटने की क्षमता को मज़बूत करने का आधार तैयार करता है।
BISAG-N, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है, स्पेस टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और जियो-इन्फॉर्मेटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है; वहीं 2008 में स्थापित IIT गांधीनगर इंजीनियरिंग, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, मानविकी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है।
2016 में स्थापित QNu Labs क्वांटम-सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करती है और खुद को सॉवरेन क्वांटम सुरक्षा उत्पादों और समाधानों के क्षेत्र में अग्रणी बताती है।
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