गुजरात
खड़े ट्रेलर में जा घुसी तेज रफ्तार बोलेरो, सात लोगों की दर्दनाक मौत
Ashish verma
6 Oct 2026 11:20 PM IST

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भावनगर : गुजरात के भावनगर जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार बोलेरो सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक अन्य घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
हादसा भावनगर-सोमनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर तलाजा तालुका के त्रापज गांव के पास सुबह करीब 10 बजे हुआ। बोलेरो में सवार सभी लोग भावनगर से अलंग की ओर जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक सभी मृतक अलंग स्थित शिपयार्ड में काम करते थे और रोज की तरह अपने काम पर जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बोलेरो की रफ्तार काफी तेज थी। त्रापज गांव के पास सर्विस रोड पर एक ट्रेलर खड़ा था। इसी दौरान पीछे से आ रही बोलेरो सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि भारी ट्रेलर भी आगे खिसक गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंसे हुए थे।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस सेवा को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस और आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
बोलेरो की हालत इतनी खराब थी कि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। वाहन के दरवाजे जाम हो चुके थे। बचाव दल को लोहे की रॉड और अन्य उपकरणों की मदद से दरवाजे तोड़ने पड़े।
काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई।
पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने बताया कि हादसे के शिकार सभी लोग भावनगर से अलंग जा रहे थे। वे अलंग के शिपयार्ड में काम करते थे।
अलंग दुनिया के बड़े शिपब्रेकिंग केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। भावनगर और आसपास के क्षेत्रों से कर्मचारी रोजाना वाहनों के जरिए अलंग आते-जाते हैं।
प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टक्कर को माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि दुर्घटना की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ट्रेलर सर्विस रोड पर किस स्थिति में खड़ा था और उसके आसपास किसी तरह के चेतावनी संकेत या इंडिकेटर लगे थे या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बोलेरो चालक को ट्रेलर दिखाई क्यों नहीं दिया और हादसे से पहले वाहन की रफ्तार कितनी थी।
घटनास्थल की तस्वीरों में बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर दिखाई दिया। वाहन की विंडशील्ड टूट गई और छत तक क्षतिग्रस्त हो गई।
टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सड़क पर शव और वाहन के हिस्से दूर तक बिखरे मिले।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए सर्विस रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
इसके बाद यातायात को सामान्य कराया गया।
सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भावनगर के सरकारी अस्पताल भेजे गए हैं। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने और उनकी पहचान से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।
हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के परिवारों तक पहुंची, वहां मातम पसर गया। सभी सात लोग रोजी-रोटी के लिए शिपयार्ड जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने उनकी जान ले ली।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
खास तौर पर सड़क पर भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड पर गलत तरीके से खड़े भारी वाहन कई बार गंभीर हादसों का कारण बन जाते हैं।
अगर कोई ट्रक या ट्रेलर सड़क किनारे खड़ा किया जाता है तो पर्याप्त रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर और चेतावनी संकेत होना जरूरी माना जाता है, ताकि पीछे से आने वाले वाहन चालक समय रहते उसे देख सकें।
वहीं तेज रफ्तार भी सड़क हादसों की बड़ी वजहों में शामिल है। तेज गति के कारण अचानक सामने आए अवरोध पर चालक को प्रतिक्रिया देने के लिए बेहद कम समय मिलता है।
भावनगर का यह हादसा भी एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तलाश सकती है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि हादसे से पहले बोलेरो किस गति से चल रही थी और ट्रेलर कब से सड़क पर खड़ा था।
इसके अलावा वाहन की तकनीकी जांच भी की जा सकती है, ताकि ब्रेक फेल होने या किसी दूसरी तकनीकी खराबी की संभावना को स्पष्ट किया जा सके।
फिलहाल पुलिस ने किसी अंतिम कारण की घोषणा नहीं की है।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और एंबुलेंस कर्मचारियों ने वाहन से शवों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
भावनगर से अलंग की ओर जाने वाला मार्ग औद्योगिक गतिविधियों के कारण व्यस्त रहता है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन चलते हैं। भारी ट्रकों और ट्रेलरों की आवाजाही भी काफी अधिक रहती है।
ऐसे में सड़क किनारे वाहनों की अनियमित पार्किंग और तेज रफ्तार बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
पुलिस ने वाहन चालकों से तेज गति से बचने, पर्याप्त दूरी बनाए रखने और सड़क पर खड़े भारी वाहनों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
इस हादसे में एक ही वाहन में सवार सात लोगों की मौत ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कुछ सेकंड की चूक कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
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