गुजरात

चिंतन शिविर में नहीं गए हार्दिक पटेल, अगले सप्ताह राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लेंगे 'बड़ा फैसला'

jantaserishta.com
13 May 2022 8:35 PM IST
चिंतन शिविर में नहीं गए हार्दिक पटेल, अगले सप्ताह राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लेंगे बड़ा फैसला
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नई दिल्ली: गुजरात चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के अदर अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. इस कलह का सबसे बड़ा केंद्र हैं हार्दिक पटेल जो अभी भी कांग्रेस से नाराज बताए जा रहे हैं. दावा जरूर हुआ कि बातचीत के जरिए सब कुछ ठीक कर दिया गया, लेकिन ना हार्दिक संतुष्ट हुए और ना ही उनकी नाराजगी कही गई.

क्या होगा हार्दिक का बड़ा कदम?
अब खबर है कि हार्दिक पटेल अगले हफ्ते राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं. उस मुलाकात के बाद वे कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. बताया जा रहा है कि वे अभी भी कांग्रेस पार्टी से नाराज हैं. उनकी ये नाराजगी ही राजनीतिक गलियारों में कई अटकलों को जन्म दे रही है. अभी तक हार्दिक ने अपने अगले कदम की ओर कोई इशारा नहीं किया है, पहले ये भी कह चुके हैं कि कांग्रेस में रहने वाले हैं. लेकिन अभी तक क्योंकि उनकी मांगों पर ठीक से विचार नहीं हुआ, ऐसे में वे जल्द ही कोई बड़ा कदम उठाते दिख सकते हैं.
नाराजगी के बड़े कारण क्या हैं?
यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि गुजरात में हार्दिक पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया हुआ है. वे पाटीदार समाज के एक बड़े नेता माने जाते हैं, आंदोलन के जरिए गुजरात की राजनीति में अपनी छवि मजबूत करने वाले हार्दिक कांग्रेस के लिए भी एक बड़ा चेहरा हैं. लेकिन इस समय उनका वो चेहरा ही उनसे नाराज चल रहा है. नाराजगी इस बात को लेकर है कि अभी तक हार्दिक पटेल को अपनी जिम्मेदारियों को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है. वे कहने को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिए गए हैं, लेकिन उन्हें करना क्या है, ये पार्टी हाईकमान से स्पष्ट नहीं है.
हार्दिक पटेल ये भी आरोप लगा चुके हैं कि गुजरात में कुछ कांग्रेस नेता ही उन्हें काम करने नहीं दे रहे हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं रहती कि पार्टी द्वारा राज्य में कौन सा कार्यक्रम किया जा रहा है. पार्टी पोस्टरों में भी उन्हें दरकिनार कर दिया गया है. इन सभी मुद्दों की वजह से वे अपने पद को लेकर नाराज चल रहे हैं.
कांग्रेस हाईकमान को हार्दिक संदेश
हार्दिक पटेल की माने तो उन्होंने कई मौकों पर कांग्रेस हाईकमान से बात करने की कोशिश की है. उनका प्रयास रहा है कि हाईकमान के सामने पार्टी के मुद्दों को रखा जाए. इसी कड़ी में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में गुजरात दौरे पर आए थे, हार्दिक को पूरी उम्मीद थी कि उनकी राहुल के साथ एक विस्तृत मुलाकात हो जाएगी. हर मसले को बातचीत के जरिए हल कर लिया जाएगा. लेकिन उम्मीद के मुताबिक ऐसा होता दिखा नहीं. राहुल ने कुछ मिनटों के लिए हार्दिक से बात जरूर की, लेकिन पार्टी के अंदर जारी अंदरूनी कलह को खत्म करने के लिए वो काफी नहीं थी. इसके बाद कांग्रेस ने हार्दिक को उदयपुर में हुए चिंतन शिविर का भी न्योता दिया. उस कार्यक्रम में कांग्रेस हाईकमान शामिल था, सोनिया से लेकर राहुल गांधी तक हर बड़ा नेता आया था. लेकिन उस कार्यक्रम से भी हार्दिक पटेल ने दूरी बना ली. उनकी उस दूरी ने ही इस बात को बल दे दिया कि वे अभी भी कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं.
नरेश पटेल को लेकर असहज हार्दिक?
वैसे हार्दिक पटेल की नाराजगी के कुछ दूसरे कारण भी माने जा रहे हैं. ऐसी अटकलें लगातार आ रही हैं कि पाटीदार नेता नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. लेकिन कांग्रेस ने अभी तक नरेश पटेल को लेकर अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं किया है. कहा जा रहा है कि अगर नरेश पटेल की कांग्रेस में एंट्री हो जाती है, ऐसे में उनका पद पार्टी में काफी बड़ा बन सकता है और चुनावी मौसम में पाटीदौर वोटबैंक को लुभाने के लिए उन्हें बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है. ऐसी परिस्थिति में हार्दिक पटेल का पद, पार्टी में उनकी भूमिका कमजोर पड़ सकती है. इसी कारण से हार्दिक लगातार अपने काम को लेकर स्पष्टीकरण चाहते हैं. वे जानना चाहते हैं कि पार्टी उनसे क्या उम्मीद करती है, उन्हें चुनाव के दौरान क्या जिम्मेदारी दी जा रही है.
बीजेपी की तारीफ, कांग्रेस को आईना
इस सब के अलावा हार्दिक पटेल ने बीते दिनों कुछ ऐसे बयान दिए हैं, जिस वजह से एक तरफ बीजेपी की तरफ उनकी नजदीकियां बढ़ती दिखी हैं तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए उनकी तल्खी सामने आई है. इसका एक उदाहरण तो तब देखने को मिल गया था जब हार्दिक ने अपने पिता के पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान आजतक से बात करते हुए कहा था कि जब कोई बच्चा गलत करता है, तो घर का बड़ा उन्हें समझाता है, उसे गलत करने से रोकता है. उनका वो बयान कांग्रेस पर निशाना माना गया था. इसके अलावा बीजेपी को लेकर भी हार्दिक ने बड़ा बयान दिया था. एक तरफ तो उन्होंने कई मौकों पर खुद को सबसे बड़ा राम भक्त बता दिया तो वहीं दूसरी तरफ वे गुजरात की बीजेपी सरकार से खुश नजर आए. उनका कहना था कि गुजरात सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ फैसलों से वे खुश हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्योंकि गुजरात में बीजेपी मजबूत है, उसी वजह से पार्टी बड़े और निर्णायक फैसले ले पाती है.
अभी के लिए हार्दिक पटेल ने बीजेपी में जाने वाली तमाम अटकलों को खारिज किया है. लेकिन कांग्रेस में वे कब तक रहने वाले हैं, इसको लेकर भी कुछ स्पष्ट नहीं है. ऐसे में सभी की नजर अब उनकी अगले हफ्ते होने वाली राहुल गांधी के साथ मुलाकात पर है, जिसके बाद वे कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.
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