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Gujarat गुजरात : जामनगर जिले के जोडिया तालुका में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और एनएफडीपी (राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म) पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री राघवजीभाई पटेल ने की। इस शिविर में मंत्री ने लगभग 50 पगड़िया मछुआरों को लाइसेंस प्रदान किए। लाइसेंस पाने के बाद मछुआरों ने आईएएनएस से खास बातचीत के दौरान अपने अनुभव साझा किए और केंद्र और प्रदेश सरकार का आभार जताया। शबीर हुसैन ने बताया कि वह फिशिंग करते हैं और उनके पास नाव भी है। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से कार्ड मिलने से फायदा हुआ है। इस कार्ड को दिखाने के बाद कोस्ट गार्ड और पुलिस परेशान नहीं करती है।
जामनगर में मछुआरा प्रमुख अनवर संधार ने बताया कि राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म मछुआरों का पहचान पत्र है। इससे समुदाय को कोई भी परेशान नहीं कर पाएगा। प्रधानमंत्री मोदी मछुआरों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से मछुआरा समुदाय खुश है। मछुआरा कासम ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि मेरे पास नाव है। मुझे एनएफडीपी से कार्ड मिला है। इससे हमें लोन भी आसानी से मिल जाएगा। पुलिस पहले परेशान करती थी, लेकिन कार्ड बन जाने के बाद यह दिक्कत दूर हो गई। कोई अधिकारी अगर पहचान पत्र मांगता है तो हम यह कार्ड दिखाते हैं।
गुजरात अपनी लंबी तटरेखा के कारण मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी है। जामनगर का जोडिया छह मछली पकड़ने वाले केंद्रों में से एक है। यहां मुख्य रूप से मछली पकड़ने से जुड़ा एक समुदाय रहता है। मछुआरों की पहचान के लिए उन्हें पहचान पत्र के रूप में एनएफडीपी (राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म) प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआरों को सागरखेड़ू की उपाधि दी है और उनके आर्थिक विकास के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। सरकार राज्य के बंदरगाहों, घाटों और मछली पकड़ने के स्थानों को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) की शुरुआत वर्तमान में चल रही प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सहाय योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के अंतर्गत की गई है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) की एक उप-योजना है। एनएफडीपी में हर मछुआरा पंजीकरण करा सकेगा और इसमें पंजीकरण के बाद, वह इस संबंध में प्रमाण पत्र भी डाउनलोड कर सकेगा। पंजीकृत मछुआरों को सरकार की विभिन्न योजनाओं आदि की जानकारी भी मिलेगी।
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