
Gujarat गुजरात: उत्तर और मध्य जिलों में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के मामले सामने आने के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और रोकथाम के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने शुक्रवार को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि चांदीपुरा वायरस संक्रमण के कारण अब तक 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वे, स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
तीन बच्चों की मौत की पुष्टि
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, अब तक जिन बच्चों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, उनमें से तीन की मौत हो चुकी है। इनमें दो बच्चे वडोदरा और गोधरा क्षेत्र से संबंधित थे, जबकि तीसरा बच्चा राजस्थान का रहने वाला था।
राजस्थान के इस बच्चे को गंभीर हालत में इलाज के लिए गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
विसनगर का बच्चा संक्रमित, अस्पताल में इलाज जारी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में विसनगर का एक बच्चा चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाया गया है। उसका इलाज वडनगर अस्पताल में चल रहा है।
डॉक्टरों की टीम बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों में विशेष अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को घर-घर जाकर सर्वे करने, संदिग्ध मरीजों की पहचान करने और लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बुखार, उल्टी, कमजोरी, दौरे पड़ना और मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।
चांदीपुरा वायरस को लेकर बढ़ी चिंता
चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है और कई मामलों में यह गंभीर रूप ले सकता है। यह वायरस संक्रमित मच्छरों और कुछ अन्य कीटों के माध्यम से फैल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से मरीज की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, बच्चों को सुरक्षित रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है।
विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और फॉगिंग जैसी गतिविधियां तेज की जाएं।
संदिग्ध मरीजों की लगातार हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में संदिग्ध मरीजों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। अस्पतालों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संदिग्ध मामलों की तुरंत जांच और इलाज शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य कर्मी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं और बीमारी से जुड़े लक्षणों की जानकारी जुटा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस संक्रमण से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
आगे की स्थिति पर रखी जा रही नजर
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग वायरस के मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों की टीम स्थिति का आकलन कर रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
गुजरात में चांदीपुरा वायरस के सामने आए मामलों के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बच्चों की सुरक्षा और संक्रमण को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।





