गुजरात

Gujrat में पलटी मछली पकड़ने वाली नाव, सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र का दावा गलत

SHIDDHANT
21 Aug 2025 10:30 PM IST
Gujrat में पलटी मछली पकड़ने वाली नाव, सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र का दावा गलत
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Mumbai मुंबई: गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें एक मछली पकड़ने वाली नाव के पलटने का दृश्य देखा गया। दावा किया गया कि यह घटना महाराष्ट्र के रायगढ़ तट पर हुई है। वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों और मछुआरों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस इकाइयां सक्रिय हो गईं। रायगढ़ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए। इसमें मंडवा कोस्टल पुलिस (रायगढ़), मोरा कोस्टल पुलिस (नवी मुंबई), येलो गेट पुलिस और कोलाबा पुलिस (मुंबई) ने आपसी तालमेल के साथ जानकारी जुटाई।

शुरुआती जांच में भ्रम की स्थिति बनी रही क्योंकि वीडियो में नाव पलटने का दृश्य बेहद खतरनाक लग रहा था और लोगों ने इसे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र से जोड़ दिया। लेकिन बाद में गहन पड़ताल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना महाराष्ट्र में नहीं बल्कि गुजरात के समुद्री क्षेत्र में हुई है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि पलटी हुई नाव गुजरात की थी और वहीं यह हादसा हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट जानकारियों और अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अफवाह फैलने से न केवल स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ता है बल्कि अनावश्यक दहशत भी पैदा होती है।

इस घटना के बाद महाराष्ट्र और गुजरात की समुद्री पुलिस ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने की बात कही है ताकि भविष्य में इस तरह की गलतफहमी से बचा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साधनों और त्वरित संवाद तंत्र का उपयोग कर ऐसी घटनाओं की सटीक पुष्टि तुरंत की जा सकती है। स्थानीय मछुआरा समुदाय ने राहत की सांस ली कि हादसा महाराष्ट्र के तट पर नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा और सतर्कता को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता है क्योंकि नाव पलटने जैसी घटनाएं समुद्र में अक्सर बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती हैं। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री को बिना सत्यापन साझा करना कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सीधे पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों से ही जानकारी लें।

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