गुजरात

Ahmedabad प्लेन हादसे के एक साल बाद भी महेश जीरावाला की याद में डूबा परिवार

Kavita2
8 Jun 2026 11:28 AM IST
Ahmedabad प्लेन हादसे के एक साल बाद भी महेश जीरावाला की याद में डूबा परिवार
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Gujarat गुजरात: अहमदाबाद प्लेन क्रैश की घटना के एक साल पूरे होने को हैं, लेकिन 62 वर्षीय गिरधरभाई कलावाडिया अभी भी अपने बेटे महेश जीरावाला की मौत के गहरे शोक से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। महेश, जो एक फिल्ममेकर थे, इस हादसे में जान गंवा बैठे थे। हादसे के बाद मिले मुआवज़े से गिरधरभाई और उनके परिवार ने नरोदा इलाके में दो बेडरूम वाला एक मामूली फ्लैट खरीदा, जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कुछ स्थिरता आई।

गिरधरभाई ने कहा कि हालांकि उन्होंने मुआवज़े के जरिए घर की व्यवस्था तो कर ली है, लेकिन अपने बेटे की याद हर दिन उन्हें सताती रहती है। "हम टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन माता-पिता अपने बेटे को कैसे भूल सकते हैं? हर शाम, मुझे अब भी लगता है कि वह घर लौट आएगा," उन्होंने भावुक होकर कहा।

हादसे के बाद, गिरधरभाई अपनी पत्नी, छोटे बेटे कार्तिक और पोती के साथ इस फ्लैट में रहते हैं। परिवार धीरे-धीरे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन महेश की कमी उन्हें हर पल महसूस होती है। महेश ने जीवन भर परिवार की देखभाल का वादा किया था, और परिवार मानता है कि उन्होंने उस वादे को मौत के बाद भी पूरा किया।

पिछले साल 12 जून को हुए हादसे में महेश जीरावाला समेत कई अन्य यात्रियों की जान चली गई थी। इस हादसे ने परिवार के साथ-साथ उनके आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया था। परिवार ने मुआवज़े से जीवन यापन की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन भावनात्मक शून्य भरना आसान नहीं है।

गिरधरभाई का कहना है कि परिवार अब धीरे-धीरे जिंदगी के साथ सामंजस्य बना रहा है। छोटा बेटा कार्तिक और पोती की उपस्थिति ने उनके घर में कुछ उम्मीद की किरण लाई है, लेकिन महेश के जाने का दुख अभी भी ताजा है। उन्होंने कहा, "हम उनके बिना जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर खुशी में भी उनकी याद आती है।"

महेश जीरावाला के माता-पिता के लिए यह साल भावनाओं और चुनौतियों से भरा रहा है। वे न केवल बेटे की याद में डूबे हैं, बल्कि अपनी नई जीवन व्यवस्था को संभालने की कोशिश भी कर रहे हैं। परिवार के लिए यह साल उनके लिए स्मृति और शोक का मिश्रण रहा है, जिसमें वे धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

परिवार का कहना है कि हादसे के बाद, भले ही जिंदगी में बदलाव आया है, लेकिन महेश की कमी हमेशा उनके दिलों में रहेगी। उनके शब्दों में, "वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हमें हर दिन जीने की ताकत देती हैं।"

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