गुजरात
गुजरात में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
Ratna Netam
8 Oct 2026 6:47 PM IST

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गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कहा कि राज्य में सड़क और बुनियादी ढांचा सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा उन्हें और मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास और निरंतर विचार-विमर्श जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिए सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में राज्य सरकार के सड़क एवं भवन विभाग द्वारा आयोजित पहले दो दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और दीर्घकालिक जरूरतों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
गुजरात सरकार के सड़क एवं भवन विभाग का यह पहला विभागीय चिंतन शिविर 8 और 9 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन की थीम 'गति-गुणवत्ता-गौरव : विकसित गुजरात 2047 के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाना' रखी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की सड़क और भवन निर्माण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना तथा भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि गुजरात में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सभी स्तरों पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सहयोग आवश्यक है। समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान तलाशने के लिए खुला संवाद तथा सामूहिक विचार-विमर्श महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस चिंतन शिविर की विशेषता यह है कि इसमें विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को एक मंच पर लाया गया है। वर्क असिस्टेंट से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक सभी को विभाग की कार्यप्रणाली और विकास से जुड़े विषयों पर विचार साझा करने का अवसर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के अनुभवों को भी नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों की प्रक्रिया से जोड़ना है।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, चिंतन शिविर की तैयारी के लिए विभागीय और सर्कल स्तर पर पहले भी विचार-विमर्श किया गया था। इन बैठकों के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों से सुझाव लिए गए। अब इन सुझावों के आधार पर दो दिवसीय शिविर में प्रमुख समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधान पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन, पुल परियोजनाओं की योजना, सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों की निगरानी, मानव संसाधन विकास तथा भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। इन विषयों पर चर्चा के माध्यम से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपाय तलाशे जाएंगे।
सड़क और भवन विभाग की जिम्मेदारी केवल नई सड़कों तथा भवनों का निर्माण करने तक सीमित नहीं है। पहले से मौजूद बुनियादी ढांचे का रखरखाव, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और परियोजनाओं की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण कार्य हैं। ऐसे में विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा और बेहतर समन्वय से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को समझने में सहायता मिल सकती है।
गुजरात सरकार विकसित गुजरात 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे रही है। इसके अंतर्गत भविष्य की जरूरतों के अनुसार सड़क, पुल और सरकारी भवनों की योजना तैयार करने का महत्व बढ़ गया है। राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए अच्छी परिवहन सुविधाएं आवश्यक हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होता है और वस्तुओं तथा सेवाओं के परिवहन में सुविधा मिलती है।
चिंतन शिविर में निर्माण परियोजनाओं की निगरानी को भी महत्वपूर्ण विषय बनाया गया है। किसी भी विकास परियोजना में निर्धारित मानकों का पालन, समय पर काम पूरा होना और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक होता है। इन विषयों पर विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा से कार्यप्रणाली में सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव सामने आ सकते हैं।
दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव संसाधन और संस्थागत विकास पर भी विचार किया जाएगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यक्षमता, तकनीकी जानकारी और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के उपायों की पहचान करना है। साथ ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
चिंतन शिविर का आयोजन सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पी.आर. पटेलिया की देखरेख में किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ राज्य के मुख्य सचिव एम.के. दास की भागीदारी भी निर्धारित की गई थी। इस आयोजन में विभाग के विभिन्न स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों को बेहतर बनाने के लिए विचारों और अनुभवों को साझा करने की आवश्यकता बताई।
गुजरात के विकास में सड़क और परिवहन सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ाने, औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। इस दृष्टि से सड़क एवं भवन विभाग का चिंतन शिविर भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच है।
गुरुवार को शुरू हुआ यह कार्यक्रम शुक्रवार, 9 अक्टूबर तक चलेगा। शिविर में प्राप्त सुझावों और विचार-विमर्श के आधार पर विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार तथा भविष्य की योजनाओं के लिए प्राथमिकताओं की पहचान करने का उद्देश्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात की सड़क और बुनियादी ढांचा सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए गुणवत्ता और गति दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने सामूहिक प्रयासों को बेहतर परिणाम हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। विकसित गुजरात 2047 के लक्ष्य के साथ आयोजित इस चिंतन शिविर में विभागीय समन्वय, निर्माण गुणवत्ता और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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