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यूपी-बिहार से गुजरात गए लोगों की बिगड़ी तबीयत
अहमदाबाद: गुजरात में डेंगू के 24 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार से ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ परेड में शामिल होने के लिए गुजरात पहुंचे लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य संबंधी निगरानी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार से कई लोग राष्ट्रीय एकता दिवस से जुड़े कार्यक्रम और परेड में शामिल होने के लिए गुजरात पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। बुखार और अन्य लक्षण सामने आने के बाद उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई। जांच में 24 लोगों में डेंगू की पुष्टि होने की बात सामने आई है। एक साथ 24 मामले मिलने के बाद संबंधित लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। डेंगू के मरीजों में बीमारी की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में बुखार के साथ कमजोरी और अन्य लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच और इलाज महत्वपूर्ण माना जाता है।
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। बरसात और उसके बाद जगह-जगह जमा साफ पानी में इन मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह है कि मौसम बदलने के दौरान डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल जगह बन सकता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे बड़े कार्यक्रम में अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रतिभागियों के स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों में डेंगू के मामले मिलने के बाद अन्य प्रतिभागियों के स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।
डेंगू होने पर तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, कमजोरी और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। डॉक्टर बिना सलाह के दवाएं लेने से बचने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं। 24 नए मामले सामने आने के बाद सबसे अहम चुनौती यह पता लगाना है कि संक्रमण का स्रोत कहां रहा। संबंधित लोग अलग-अलग राज्यों से गुजरात पहुंचे थे, इसलिए बीमारी के लक्षण कब शुरू हुए और उनकी यात्रा का समय क्या रहा, जैसी जानकारियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के लिए ऐसे मामलों में मरीजों के साथ उनके संपर्क में रहे और आसपास ठहरे अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखना भी जरूरी होता है। हालांकि डेंगू सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सामान्य संपर्क के जरिए नहीं फैलता। संक्रमित व्यक्ति को काटने वाले मच्छर के माध्यम से वायरस आगे फैल सकता है।
डेंगू से बचाव के लिए सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। घरों में कूलर, गमले, टायर, पानी की टंकी या अन्य बर्तनों में लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करने से भी जोखिम कम किया जा सकता है। फिलहाल गुजरात में सामने आए इन 24 मामलों के बाद बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। यूपी और बिहार से राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होने पहुंचे लोगों में डेंगू की पुष्टि ने बड़े आयोजनों के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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