गुजरात

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का चुनाव आयोग पर आरोप, BLO की मौतों को लेकर जताई चिंता

SHIDDHANT
28 Nov 2025 10:15 PM IST
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का चुनाव आयोग पर आरोप, BLO की मौतों को लेकर जताई चिंता
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Gujarat गुजरात: कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने चुनाव आयोग (SIR) की प्रक्रियाओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे देश में बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों पर दबाव डालने और जल्दबाजी में काम पूरा करवाने की प्रक्रिया बताया। प्रतापगढ़ी ने कहा, "पूरे देश से BLO और अन्य संबंधित अधिकारियों की मौत की खबरें आ रही हैं। यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग उन पर कितना दबाव बना रहा है। ऐसा कार्य जिसे अधिकारी पूरा करने में समर्थ नहीं हैं, उसे इस तरह की जल्दबाजी में पूरा करवाने की कोशिश की जा रही है।"
सांसद ने इसे ‘खूनी प्रक्रिया’ करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह की तेजी क्यों अपनाई जा रही है, जिससे जुड़े अधिकारियों की जान तक चली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक स्थिति है और चुनाव आयोग को इसके लिए जवाब देना होगा। प्रतापगढ़ी ने यह भी जोर दिया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि सभी अधिकारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए, और कोई भी प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में न की जाए कि उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़े। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी भी तरह की योजना या अभियान लागू किया जा रहा है, तो उसे इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए कि लोग अपनी जान गंवाएं।
सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं बल्कि मानव जीवन की गंभीर हानि से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि ऐसे मामलों में जांच कराए जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। प्रतापगढ़ी के अनुसार, देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए यह जरूरी है कि BLO और अन्य चुनाव अधिकारियों को सुरक्षित, समर्थ और मानसिक रूप से तैयार माहौल में काम करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिना उचित तैयारी और समर्थन के किसी भी प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। इस बीच, प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि यदि चुनाव आयोग इस पर उचित कदम नहीं उठाता है, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं और BLO समेत अन्य अधिकारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
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