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गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 24 सितंबर को मासिक 'स्टेट स्वागत' ऑनलाइन जन-शिकायत निवारण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान नागरिकों की शिकायतें व्यक्तिगत रूप से सुनेंगे और संबंधित सरकारी विभागों तथा अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश देंगे। मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यक्रम गांधीनगर में आयोजित होगा।'SWAGAT' का पूरा नाम **State Wide Attention on Grievances by Application of Technology** है। यह गुजरात सरकार की तकनीक आधारित जन-शिकायत निवारण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिकों के लंबित मामलों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाता है और समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाती है। गुजरात सरकार के अनुसार स्टेट स्वागत प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित होता है।
सुबह 8 से 11 बजे तक जमा होंगी शिकायतें
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जो नागरिक अपनी शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं, वे 24 सितंबर को सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री के जनसंपर्क विभाग में अपनी शिकायत व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं। इसके लिए स्वर्णिम संकुल-2 में व्यवस्था की गई है।इसके बाद शिकायतों की जांच और पंजीकरण की प्रक्रिया की जाती है। गुजरात सरकार के SWAGAT मॉडल में प्राप्त शिकायतों को संबंधित सचिवालय, जिला या उप-जिला स्तर के अधिकारियों तक ऑनलाइन पहुंचाया जाता है, ताकि संबंधित विभाग मामले की स्थिति और जवाब उपलब्ध करा सके।
दोपहर में शिकायतें सुनेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार दोपहर स्टेट स्वागत सत्र में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे। इस दौरान चयनित शिकायतों को उनके सामने रखा जाएगा। संबंधित विभागों और अधिकारियों की जानकारी भी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।गुजरात सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार स्टेट स्वागत में मुख्यमंत्री आवेदकों की शिकायतों को सुनने के साथ संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते हैं। जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। मामले के विभिन्न पहलुओं को समझने के बाद शिकायत के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं।
लंबे समय से लंबित मामलों पर फोकस
SWAGAT व्यवस्था में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है जो पहले संबंधित अधिकारियों के सामने रखे जा चुके हों, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ हो। आधिकारिक जानकारी के अनुसार लंबे समय से लंबित, गंभीर मानवीय पहलुओं वाले, निचले प्रशासनिक स्तर पर कठिनाई से हल होने वाले या नीतिगत प्रभाव वाले मामलों को मुख्यमंत्री स्तर पर विचार के लिए चुना जा सकता है।इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसके समाधान की प्रगति की निगरानी करना भी है। प्रत्येक मामले का रिकॉर्ड SWAGAT डेटाबेस में रखा जाता है और दिए गए निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की निगरानी की जाती है।
2003 से चल रहा SWAGAT कार्यक्रम
गुजरात में SWAGAT ऑनलाइन जन-शिकायत निवारण कार्यक्रम वर्ष 2003 से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार की जानकारी के अनुसार स्टेट स्तर का SWAGAT हर महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित किया जाता है। बाद में इस व्यवस्था को जिला और उप-जिला स्तर तक भी विस्तारित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से आम नागरिक और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक ऑनलाइन भेजने से अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर मामले की स्थिति की जानकारी एक ही प्रणाली में उपलब्ध हो सकती है।
तकनीक से अधिकारियों को जोड़ा जाता है
SWAGAT कार्यक्रम की खासियत इसमें तकनीक का इस्तेमाल है। मुख्यमंत्री के सामने शिकायत आने पर संबंधित सचिव और दूसरे अधिकारी मौजूद रह सकते हैं, जबकि जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ते हैं। इससे शिकायत पर अलग-अलग स्तरों से तत्काल जानकारी ली जा सकती है।गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मुताबिक SWAGAT राज्य की ई-गवर्नेंस पहलों में शामिल है और इसका उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर जन-शिकायतों के समाधान को अधिक प्रभावी बनाना है।
जिला और तालुका स्तर पर भी व्यवस्था
स्टेट स्वागत के अलावा जिला और उप-जिला स्तर पर भी शिकायत निवारण की व्यवस्था की गई है। आधिकारिक विवरण के मुताबिक उप-जिला स्तर का SWAGAT चौथे बुधवार को आयोजित होता है, जबकि जिला स्तर पर भी नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है।इस बहुस्तरीय व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाए और केवल जटिल या लंबे समय से लंबित मामलों को उच्च स्तर तक पहुंचना पड़े।
शिकायतों की प्रगति की भी होती है निगरानी
SWAGAT में शिकायत पर निर्देश देने के बाद मामले को समाप्त मान लेने के बजाय उसके समाधान की स्थिति का रिकॉर्ड रखा जाता है। आधिकारिक प्रणाली में प्रत्येक मामले के लिए अलग लॉग रखा जाता है और नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति भी देख सकते हैं।अप्रैल 2026 के स्टेट स्वागत सत्र में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 110 से अधिक आवेदकों से जुड़े मामलों पर सुनवाई की थी। उसी समय राज्यभर के जिला स्तरीय SWAGAT कार्यक्रमों में 1,335 शिकायतों पर कार्रवाई शुरू होने की जानकारी दी गई थी।
24 सितंबर को फिर होगी सीधी सुनवाई
अब 24 सितंबर को होने वाले मासिक कार्यक्रम में एक बार फिर नागरिकों को अपनी लंबित शिकायतें सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच शिकायतें जमा करने की व्यवस्था रहेगी और दोपहर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल चयनित मामलों की सुनवाई करेंगे।कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों को शिकायतों के त्वरित और उचित समाधान के लिए निर्देश दिए जाने की संभावना है। राज्य सरकार की SWAGAT व्यवस्था का घोषित उद्देश्य तकनीक के माध्यम से प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाना और लंबे समय से लंबित जन-समस्याओं के समाधान को गति देना है।
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