
GUJRAT गुजरात :अहमदाबाद शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सेवेंथ डे स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र पर स्कूल के ही 5 से 7 छात्रों ने चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह वारदात स्कूल की छुट्टी के बाद खोखरा थाना क्षेत्र में हुई। घायल छात्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। खोखरा पुलिस ने बताया कि यह हमला स्कूल में कुछ दिन पहले हुई कहासुनी और पुरानी रंजिश के कारण किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्रों ने आपसी मनमुटाव के चलते मिलकर इस घातक वारदात को अंजाम दिया। हमले में छात्र के पेट में गंभीर चोट आई है, और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही हमले में शामिल छात्रों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने स्थानीय अभिभावकों और समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्कूल परिसर और उसके आसपास छात्रों की सुरक्षा के लिए उचित कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। इस मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। जिला शिक्षाधिकारी रोहित चौधरी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने इस घटना की सूचना शिक्षा विभाग को नहीं दी थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन को तलब किया गया और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत विभाग को दी जाए। चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग अब स्कूलों में सुरक्षा मानकों और निगरानी पर विशेष ध्यान देगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अहमदाबाद के शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों ने इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि किशोरों में तनाव, आपसी झगड़े और अनुशासनहीनता को नियंत्रित करने के लिए स्कूलों में परामर्श और काउंसलिंग की व्यवस्था जरूरी है। बच्चों को हिंसा के खतरों के प्रति जागरूक करने और पुराने झगड़ों को सुलझाने की शिक्षा दी जानी चाहिए।
पुलिस ने बताया कि घायल छात्र का इलाज अस्पताल में जारी है और चिकित्सक उसकी हालत की गंभीरता पर लगातार नजर रखे हुए हैं। साथ ही, पुलिस पूरे स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की योजना बना रही है। इस घटना ने शहर में स्कूलों और उनके आसपास सुरक्षा उपायों की गंभीर समीक्षा करने की जरूरत को उजागर किया है। अभिभावक और शिक्षकों से भी आग्रह किया गया है कि वे बच्चों के बीच किसी भी प्रकार के तनाव या झगड़े की तुरंत पहचान करें और उचित कार्रवाई करें।





