गुजरात

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर में ताना-रीरी महोत्सव का किया शुभारंभ

SHIDDHANT
22 Nov 2025 11:26 PM IST
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर में ताना-रीरी महोत्सव का किया शुभारंभ
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Gandhinagar गांधीनगर। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भारतीय संस्कृति के 2000 वर्षों के इतिहास को संजोए बैठे वडनगर में ताना-रीरी महोत्सव 2025 का शुभारंभ कराया। यह महोत्सव खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग अधीनस्थ गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी-गांधीनगर तथा मेहसाणा जिला प्रशासन के संयुक्त उपक्रम से हर वर्ष आयोजित किया जाता है। शनिवार को महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के करकमलों से सुप्रसिद्ध गायिका कलापिनी कोमकली को प्रतिष्ठित ताना-रीरी संगीत सम्मान अवॉर्ड प्रदान किया गया।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर कहा कि वडनगर की भूमि में ही कुछ ऐसा सत्व-तत्व रहा है कि अनादिकाल से यहां समर्पण एवं सेवा साधना की पराकाष्ठा विकसित हुई है। उन्होंने ताना-रीरी को अनमोल संगीत कला विरासत का उत्तम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनकी तरह ही वडनगर के सपूत एवं विश्व नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्र प्रथम के भाव से कार्यरत रहकर देश तथा दुनिया के समक्ष सेवा साधना का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कला एवं स्थापत्य की इस नगरी के इतिहास को पुनर्जीवित करने के सफल आयाम का सूत्रपात किया है। पटेल ने प्रधानमंत्री की विरासत संवर्धन नीतियों का विवरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जहां प्राथमिक शिक्षा ली, उसे प्रेरणा स्कूल के रूप में विकसित किया है। जहां उन्होंने बचपन में परिश्रम की पराकाष्ठा सृजित की, उस रेलवे स्टेशन को रीडेवलप किया जा रहा है और मल्टी मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वडनगर की समग्र पुरातन विरासत को प्रस्तुत करने वाले अत्याधुनिक आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम का भी वडनगर में निर्माण हुआ है।
मुख्यमंत्री ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत वडनगर में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत शर्मिष्ठा तालाब, ताना-रीरी पार्क, लटेरी वाव (बावड़ी), अंबाजी कोठा तालाब तथा फोर्ट वॉल का विकास किया जा रहा है, जबकि पौराणिक हाटकेश्वर मंदिर का इतिहास लोग जान सकें, इसके लिए लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया है।
भूपेंद्र पटेल ने भारतीय संगीत विरासत की समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि आज रोग के उपचार के लिए भी म्यूजिक थेरेपी का उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ऐसी विरासत का युगों तक जतन एवं संवर्धन करने का संकल्प किया है।
वर्ष 2047 में विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को कला-संस्कृति के साथ जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि कला-संस्कृति की स्वदेशी विरासत का संरक्षण हो और आने वाली पीढ़ी को भी इस विरासत के जतन की प्रेरणा मिले। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि वडनगर की पवित्र धरती से इस कला-संस्कृति के जतन के साथ स्वदेशी अपना कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए कटिबद्ध हों।
संगीत समारोह में अवॉर्ड विजेता कलापिनी कोमकली, प्रसिद्ध सितार वादक निलाद्री कुमार, और गायिका सुश्री ईशानी दवे ने शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय वादन, और लोक गीतों की सुमधुर प्रस्तुति से वडनगर को संगीतमय बना दिया।
भक्त कवि नरसिंह मेहता की दोहित्री शर्मिष्ठा की सुपुत्रियों ताना तथा रीरी ने मल्हार राग गाकर संगीत सम्राट तानसेन के दीपक राग से उत्पन्न हुए दाह को शांत किया था। उनकी स्मृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2003 में ताना-रीरी महोत्सव तथा वर्ष 2010 में ताना-रीरी संगीत सम्मान अवॉर्ड की शुरुआत की गई थी।
ताना-रीरी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर केबिनेट मंत्री जीतूभाई वाघाणी व ऋषिकेश पटेल, सामाजिक अग्रणी सोमाभाई मोदी, जिला पंचायत अध्यक्ष तृषाबेन पटेल, विधायक के. के. पटेल (ऊंझा), सरदारभाई चौधरी (खेरालू), सुखाजी ठाकोर (बहुचराजी), राजेंद्र चावडा (कडी), वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष मितिका शाह, गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष आलोक कुमार पांडे, जिला कलेक्टर एसके प्रजापति, जिला विकास अधिकारी डॉ. हसरत जैस्मीन, गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी के सदस्य सचिव आईआर वाळा, निवासी अपर कलेक्टर जसवंत जेगोडा सहित वडनगर व मेहसाणा के अग्रणी तथा बड़ी संख्या में नगरजनों ने सुमधुर संगीत का आनंद उठाया।
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