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Gujarat गुजरात: दीपावली को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किए जाने के बाद राजकोट में उत्साह और गौरव का माहौल है। इस ऐतिहासिक अवसर पर राजकोट पुरातत्व विभाग में विशेष जश्न का आयोजन किया गया। राजकोट में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दीपावली की इस वैश्विक मान्यता का स्वागत करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया। विभाग ने बताया कि दीपावली सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि विश्वभर में भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है, और UNESCO की इस मान्यता से देश की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में दीपावली की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई की जीत और ज्ञान की वृद्धि का प्रतीक है। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय कला, संगीत, हस्तकला और सांस्कृतिक विविधता को भी वैश्विक मंच पर उजागर करता है। जश्न के दौरान विभाग के कर्मचारियों ने दीपों की सजावट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक रीति-रिवाज प्रदर्शित किए। अधिकारियों ने बताया कि UNESCO की इस मान्यता के साथ दीपावली को वैश्विक पहचान मिल गई है, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग और अन्य समुदाय भी भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को पहचान और सराहना देंगे।
पुरातत्व विभाग ने कहा कि दीपावली की इस वैश्विक मान्यता से स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। विभाग ने भविष्य में युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों की शिक्षा देने के लिए विशेष कार्यशालाओं और कार्यक्रमों की योजना बनाने का भी ऐलान किया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने यह भी कहा कि दीपावली का UNESCO की सूची में शामिल होना सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि विदेशी पर्यटक और शोधकर्ता इस त्योहार के महत्व और परंपराओं को जानने और अनुभव करने के लिए भारत आएंगे।
जश्न में उपस्थित लोगों ने दीप जलाकर और मिठाईयां बांटकर इस अवसर को और भी यादगार बनाया। अधिकारियों ने बताया कि यह अवसर राजकोट और पूरे भारत के लिए गर्व का है, क्योंकि अब दीपावली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और मान्यता मिली है। राजकोट पुरातत्व विभाग ने यह संदेश दिया कि दीपावली केवल त्योहार नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, और UNESCO की मान्यता इसे विश्वभर में पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर विभाग ने सभी नागरिकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित और सहेजें। इस तरह राजकोट में दीपावली के UNESCO लिस्ट में शामिल होने के जश्न ने स्थानीय प्रशासन, पुरातत्व विभाग और नागरिकों को गर्व और उत्साह से भर दिया, जो भारतीय संस्कृति की वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
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