गुजरात

प्रेम संबंध से नाराज भाई, युवक की हत्या कर फंदे पर लटकाया

Shubhra Nandy
23 Oct 2026 8:24 AM IST
प्रेम संबंध से नाराज भाई, युवक की हत्या कर फंदे पर लटकाया
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बनासकांठा : गुजरात के बनासकांठा जिले में प्रेम संबंध को लेकर 18 वर्षीय युवक की कथित हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को पहले बहाने से खेत में बने एक शेड तक ले जाया गया, जहां शराब में नशीली गोलियां मिलाकर उसे पिलाई गईं। इसके बाद उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को फंदे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। मृतक की पहचान अशोक भागाभाई ठाकोर के रूप में बताई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हत्या के पीछे दो साल पुराना प्रेम प्रसंग और उससे जुड़ा पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, इस विशिष्ट घटना की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध समाचार स्रोतों से नहीं हो सकी है। नीचे घटनाक्रम प्राप्त शिकायत संबंधी विवरण के आधार पर प्रस्तुत है।
दो साल पुराने प्रेम संबंध से जुड़ा था विवाद
जानकारी के मुताबिक, अशोक भागाभाई ठाकोर का महेश करशनभाई ठाकोर की बहन के साथ करीब दो साल से प्रेम संबंध था। इस रिश्ते को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। बताया गया है कि प्रेम संबंध के कारण परिवारों के बीच नाराजगी और तनाव लगातार बढ़ता गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी विवाद के चलते अशोक को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। घटना बनासकांठा के स्वरूप पटिया इलाके के पास की बताई जा रही है। आरोप है कि 21 अक्टूबर को युवक को योजनाबद्ध तरीके से एक खेत के शेड में बुलाया गया।
शराब में नशीली गोलियां मिलाकर पिलाने का आरोप
शिकायत संबंधी विवरण के अनुसार, आरोपियों ने अशोक को खेत के शेड में ले जाने के बाद शराब में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दीं। आरोप है कि नशीले पदार्थ के प्रभाव के कारण युवक की हालत बिगड़ गई और वह अपना बचाव करने में असमर्थ हो गया। इसी दौरान उसका गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने से पहले पूरी योजना तैयार की गई थी। हालांकि, शराब में मिलाए गए पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और मृत्यु के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम तथा अन्य फोरेंसिक रिपोर्ट से ही हो सकेगी।
हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाने का आरोप
इस मामले का एक गंभीर पहलू यह भी है कि आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या को आत्महत्या के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। प्राप्त विवरण के अनुसार, युवक की मौत के बाद उसके शव को शर्ट की सहायता से शेड की छत के ढांचे में लटका दिया गया। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि घटना देखने वालों को युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का संदेह हो और हत्या से जुड़े साक्ष्य छिपाए जा सकें। शव की स्थिति और घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलने के बाद अशोक के परिजन मौके पर पहुंचे। युवक की हालत देखकर उसे तत्काल वाव के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि मौत की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद युवक की मौत से जुड़े आरोपों की जांच का मामला सामने आया। मृतक के परिजनों की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाना जरूरी होगा।
प्रेम संबंध को लेकर हत्या की साजिश का आरोप
शिकायत में हत्या की वजह युवक का प्रेम संबंध बताया गया है। आरोप है कि महेश करशनभाई ठाकोर अपनी बहन के साथ अशोक के रिश्ते से नाराज था। इसी नाराजगी के चलते युवक की हत्या की योजना बनाए जाने का आरोप है। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्य और अदालत में प्रस्तुत प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे। केवल शिकायत में नाम आने से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकती है मौत की वजह
इस तरह के संदिग्ध मौत के मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। इससे पता चल सकता है कि मौत दम घुटने, किसी विषैले या नशीले पदार्थ के प्रभाव अथवा अन्य कारण से हुई। यदि आरोपों के अनुसार युवक को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और बाद में गला घोंटा गया, तो इस क्रम की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय और वैज्ञानिक साक्ष्य आवश्यक होंगे। फिलहाल घटना से संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी, दर्ज धाराओं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
परिवारों के पुराने विवाद पर भी सवाल
इस घटना ने प्रेम संबंधों को लेकर परिवारों के बीच होने वाले विवादों और उनके गंभीर परिणामों के मुद्दे को फिर सामने ला दिया है। किसी भी रिश्ते को लेकर असहमति होने पर हिंसा का सहारा लेना न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि इससे कई परिवारों का जीवन प्रभावित हो सकता है। अशोक की मौत को लेकर सामने आए आरोप गंभीर हैं। अब घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी।
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