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अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को अहमदाबाद में भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल हुए। शहर के नवा वाडज इलाके में आयोजित इस मार्च में पार्टी पदाधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा ने कार्यक्रम को चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने वाला अभियान बताया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की भागीदारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं तक पार्टी का संदेश पहुँचाया। पदयात्रा के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रहा है। पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करना है। कार्यक्रम में लगाए गए राजनीतिक आरोप भाजपा नेताओं के बयान हैं।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पदयात्रा नवा वाडज में व्यासवाडी चौराहे के पास भगवान परशुराम की प्रतिमा से शुरू होकर सुभाष ब्रिज तक निकाली गई। इसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, सांसद दिनेश मकवाणा और अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट सहित अन्य नेता भी शामिल हुए। आयोजन को देखते हुए संबंधित मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की गई। मार्च और नेताओं के संबोधन के जरिए भाजपा ने चुनावी मुद्दों पर अपने अभियान को आगे बढ़ाया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर परिणाम को जनादेश मानती है, लेकिन हारने पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। नड्डा ने कहा कि चुनाव संबंधी शिकायतों और आरोपों को साक्ष्यों के साथ सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत की चुनाव व्यवस्था और निर्वाचन आयोग की भूमिका का समर्थन किया। उनके संबोधन का प्रमुख विषय चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता और विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब रहा।
नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों, मृत व्यक्तियों और अन्य अपात्र नामों की पहचान के लिए सत्यापन जरूरी है। उनके अनुसार, ऐसी कवायद पहले की सरकारों के समय भी होती रही है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से एसआईआर को मतदाता सूची की सटीकता से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है। अहमदाबाद के कार्यक्रम में भी यही मुद्दा प्रमुख रहा और नेताओं ने कार्यकर्ताओं से पार्टी का पक्ष लोगों तक पहुँचाने को कहा।
यह आयोजन गुजरात के कई शहरों में प्रस्तावित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। भाजपा ने अभियान की शुरुआत सूरत से करने और इसके बाद अहमदाबाद, राजकोट तथा वडोदरा में पदयात्राएँ आयोजित करने की घोषणा की थी। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अहमदाबाद और राजकोट में 27 अक्टूबर तथा वडोदरा में 28 अक्टूबर को आयोजन निर्धारित किए गए। पार्टी ने जिलों और शहरों में आगे भी जनसंपर्क कार्यक्रम तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की योजना बताई है। इन आयोजनों में स्थानीय संगठन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रखी गई है।
मंगलवार को राजकोट में भी भाजपा ने इसी अभियान के तहत मार्च आयोजित किया। वहाँ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और प्रदेश प्रभारी तरुण चुघ ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। अहमदाबाद और राजकोट के आयोजनों में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन का संदेश दिया। पार्टी ने इन कार्यक्रमों को विपक्ष के प्रचार का जवाब बताया। इस तरह गुजरात में अभियान को एक शहर तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा की घोषित योजना में पदयात्राओं के अतिरिक्त नागरिक संवाद और युवाओं के साथ चर्चा भी शामिल है। पार्टी ने विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर प्रतियोगिताएँ तथा प्रभावशाली नागरिकों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के माध्यम से संपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित किए हैं। युवा संवाद में लोकतांत्रिक इतिहास, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और संस्थागत स्वायत्तता जैसे विषय रखने की बात कही गई है। इन गतिविधियों के जरिए पार्टी चुनाव संबंधी बहस को सार्वजनिक चर्चा और संगठनात्मक जनसंपर्क से जोड़ना चाहती है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएँ और विधानसभा क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। अभियान के लिए सोशल मीडिया सामग्री, छोटी वीडियो रील और पुस्तिकाएँ तैयार करने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें मतदाता सूची, एसआईआर और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। पाँच नवंबर तक चलने वाले अभियान के इसी क्रम में अहमदाबाद का मार्च आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही।
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