गुजरात

बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित

Ratna Netam
20 Sept 2026 8:38 PM IST
बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित
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राजपीपला। गुजरात के राजपीपला स्थित **बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी** का पहला दीक्षांत समारोह रविवार को भव्य तरीके से आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के चांसलर **आचार्य देवव्रत** मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से स्थापित इस विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को शिक्षा और आदिवासी क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर माना गया।
समारोह का हुआ औपचारिक शुभारंभ
गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, दीक्षांत समारोह की शुरुआत राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा की गई। उन्होंने औपचारिक रूप से समारोह के आरंभ की घोषणा की।इसके बाद छात्रों को दीक्षांत समारोह की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस सहित अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों ने इस समारोह में अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान प्राप्त किया।
राज्यपाल ने बताया ऐतिहासिक अवसर
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह एक ऐतिहासिक अवसर है।उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह छात्र जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण के पूरा होने और नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक होता है।राज्यपाल ने कहा कि डिग्री हासिल करने के साथ छात्रों के कंधों पर समाज और देश के प्रति नई जिम्मेदारियां भी आती हैं।
छात्रों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश
आचार्य देवव्रत ने छात्रों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के विकास में योगदान देना भी होना चाहिए।उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए करने का आह्वान किया।राज्यपाल ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच से राष्ट्र का विकास तेज हो सकता है।
आदिवासी शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल
बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है।विश्वविद्यालय के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
विभिन्न विषयों के छात्रों को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह में कला, वाणिज्य और विज्ञान जैसे विषयों में अध्ययन पूरा करने वाले छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए यह दिन यादगार रहा। लंबे समय की मेहनत और अध्ययन के बाद उन्हें अपने करियर के नए सफर की शुरुआत करने का अवसर मिला।
शिक्षा और विकास के बीच संबंध पर जोर
समारोह में शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहद जरूरी है।विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
युवाओं से नवाचार अपनाने की अपील
राज्यपाल ने छात्रों से बदलते समय के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की अपील की।उन्होंने कहा कि आज का समय ज्ञान और कौशल का है। ऐसे में छात्रों को लगातार सीखते रहना चाहिए और नई चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।
विश्वविद्यालय के लिए नया अध्याय
बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा में भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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