गुजरात

अमित शाह ने कहा- अगले 5 साल में 3 लाख नए पैक्स समिति बनाने का लक्ष्य

Gulabi Jagat
13 Aug 2023 10:41 AM GMT
अमित शाह ने कहा- अगले 5 साल में 3 लाख नए पैक्स समिति बनाने का लक्ष्य
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गांधीधाम। केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गांधीधाम-कंडला में इफको के 350 करोड़ रुपए के खर्च से तैयार विश्व के पहले नैनो डीएपी (तरल) प्लांट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सहकारी क्षेत्र के बड़ी संख्या में मौजूद किसानों के बीच केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में सहकारिता के जरिए किसानों को समृद्ध करने के निश्चय के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को प्रमुखता देकर नई हरित क्रांति शुरू हुई है। वहीं, पैक्स के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आगामी 5 साल में 3 लाख नए पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी) बनाना तय किया गया है।
इफको परिसर में नैनो डीएपी (तरल) प्लांट का शिलान्यास करने के बाद केन्द्रीय मंत्री ने किसानों से कहा कि पीएम मोदी ने सहकारिता मंत्रालय बनाने के बाद देश के किसानों को समृद्ध बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें आज इफको भी इस प्लांट के जरिए जुड़ गया है। इफको के नया तरल खाद कई तरह से किसानों और खेती के लिए फायदेमंद साबित होगा। इससे जहां धरती माता सुरक्षित होंगी, जमीन में केमिकल और जहर नहीं मिलेगा, किसानों के समक्ष आज जमीन को उपजाऊ बनाए रखने की चुनौती है, इससे उन्हें मुक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी मिट्टी में नहीं मिलता, पौधों में ही रहता है। इससे जल प्रदूषित भी नहीं होगा, उत्पादन भी बढ़ेगा। साथ ही इसकी कीमत कम होने से किसानों को आर्थिक फायदा भी होगा। इससे केंद्र सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा, यूरिया उर्वरक का आयात कम होगा और देश को कृषि व उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में मदद मिलेगी।
तीन बहु-राज्य सहकारी समितियों का गठन
उन्होंने न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में नैनो उर्वरकों के उत्पादन की इफको की पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्राकृतिक कृषि को प्रमुखता देने के साथ ही देश में नई हरित क्रांति के बीज बोए गए हैं। देशभर के वैज्ञानिकों, कृषि वैज्ञानिकों के प्रयास, किसानों की मेहनत और प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण आज भारत अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गया है। नई हरित क्रांति के तीन लक्ष्यों के बारे में उन्होंने कहा कि भारत को केवल गेहूं और चावल ही नहीं बल्कि सभी प्रकार के खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। दूसरा, किसान का प्रति एकड़ उत्पादन बढ़ाना और मिट्टी का संरक्षण करना।
तीसरा, जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात के माध्यम से किसानों के घरों में समृद्धि लाना। इसके अलावा, देश को कृषि में आत्मनिर्भर बनाने के लिए, सहकारिता मंत्रालय ने तीन बहु-राज्य सहकारी समितियों का गठन किया है। शाह ने कहा कि एक बहु-राज्य समिति बीज प्रमाणीकरण और संवर्द्धन के लिए काम करेगी। दूसरी सोसायटी किसानों द्वारा उत्पादित उत्पादों के प्रमाणीकरण और विपणन के लिए काम करेगी। जबकि तीसरी सोसायटी छोटे से छोटे किसान के उत्पाद को विश्व बाजार तक पहुंचाने के क्षेत्र में काम करेगी। जिसका सीधा फायदा किसानों को होगा। इस प्रकार सहयोग से समृद्धि का लक्ष्य साकार हो सकेगा।
पैक्स के उपनियमों में संशोधन
सहकारी क्षेत्र को मजबूत और व्यवस्थित करने के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बहुआयामी उपनियम बनाने के लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स के उपनियमों में संशोधन किया गया है। पेट्रोल पंप, दवा की दुकानें, सस्ते अनाज की दुकानें, डेयरी, मछुआरा समितियां, बैंकिंग सहित विभिन्न आयाम अब पीएसी के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने कहा कि 15 हजार पैक्स सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिए गए हैं। इसके साथ उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले पांच वर्षों में 3 लाख नए पैक्सों का पंजीकरण कर कृषि क्षेत्र को मजबूती की नई ऊंचाई दी जाएगी। इसके साथ ही पैक्सों में कृषि उत्पादों के भंडारण की नई व्यवस्था बनेगी। इससे परिवहन की लागत बचेगी। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि इसका सीधा लाभ किसानों को होगा।
350 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा प्लांट
केंद्रीय मंत्री ने 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इफको प्लांट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अगले एक साल में तीन चरणों में उत्पादन इकाई शुरू की जाएगी। यह इकाई प्रतिदिन 500 एमएल की दो लाख बोतलों का उत्पादन करेगी। प्रति वर्ष छह करोड़ नैनो डीएपी बोतलों के उत्पादन से छह करोड़ डीएपी बैग उर्वरक के आयात पर रोक लगेगी और सरकार द्वारा उर्वरक पर दी जाने वाली 10,000 करोड़ की सब्सिडी का बोझ भी कम होगा। इस सब्सिडी से प्राप्त रकम का उपयोग अंततः किसानों के लिए किया जाएगा। आज सहकारी क्षेत्र उर्वरक बिक्री में एक मजबूत स्तंभ के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी का उत्पादन इसे और अधिक शक्तिशाली बनाएगा।
समारोह को इफको के चेयरमैन दिलीप संघाणी, गुजरात सरकार के राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी, विधायक मालती बेन माहेश्वरी, इफको के अधिकारी समेत बड़ी संख्या में सहकारिता क्षेत्र के किसान और अग्रणी मौजूद रहे।
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