
अहमदाबाद। गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान चोरी का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के जरिए चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान एक युवक द्वारा रुपये छिपाने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान एक युवक की जेब से करीब एक लाख रुपये के नोटों का बंडल गिर गया, जिसके बाद चोरी का खुलासा हुआ।
अंबाजी मंदिर के प्रशासक कौशिक मोदी ने बताया कि 15 अप्रैल के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक चढ़ावे की गिनती करते समय रुपये छिपाते हुए दिखाई दिया था। इसके बाद 5 मई को गिनती में शामिल एक युवक की जेब से नोटों का बंडल गिरने के बाद संदेह गहराया और पूरे मामले की जानकारी सामने आई।
मंदिर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की रकम कितनी थी और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
अंबाजी मंदिर गुजरात के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले चढ़ावे की रकम की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी रखता है।
इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए हैं। अब चढ़ावे की गिनती की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंबाजी मंदिर में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है। मंदिर प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल पर पूरी पारदर्शिता बनी रहे।





