गुजरात

अंबाजी शक्तिपीठ में दीपावली पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़

SHIDDHANT
29 Oct 2025 12:10 AM IST
अंबाजी शक्तिपीठ में दीपावली पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
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Gujarat गुजरात: दीपावली के शुभ अवसर पर गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी माता मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। देशभर से लाखों श्रद्धालु माता अंबा के दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिव्यता और उल्लास का माहौल बना रहा। इस दौरान भक्तों ने माता अंबा को नकद और सोने के रूप में करोड़ों रुपये का चढ़ावा अर्पित किया। अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के प्रशासक एवं अतिरिक्त कलेक्टर कौशल मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि दीपावली की छुट्टियों के दौरान करीब 7 से 8 दिनों में 8 लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इस अवधि में श्रद्धालुओं ने भारी मात्रा में दान दिया, जिसमें लगभग ₹1.25 करोड़ नकद दान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा भक्तों ने सोने और चांदी के आभूषणों के रूप में भी श्रद्धा भाव से भेंट चढ़ाई है।
कौशल मोदी ने बताया कि हर साल दीपावली और नवरात्रि जैसे अवसरों पर अंबाजी शक्तिपीठ में लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, लेकिन इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक संख्या में भक्त पहुंचे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा पूरे मंदिर परिसर में सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यातायात व भीड़ प्रबंधन को लेकर समुचित व्यवस्था की थी, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। अंबाजी माता मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां देवी सती के हृदय का पतन हुआ था। यह मंदिर बनासकांठा जिले की अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित है और उत्तर गुजरात की सबसे प्रमुख धार्मिक स्थली मानी जाती है। मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है और यहां प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
दीपावली के दौरान मंदिर परिसर को फूलों, रोशनी और रंगीन झंडियों से भव्य रूप से सजाया गया था। चारों ओर "जय माता दी" के जयकारों के साथ भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। मंदिर के पुजारियों ने विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती का आयोजन किया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ट्रस्ट के अनुसार, प्राप्त दान राशि का उपयोग मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि और सामाजिक कार्यों के लिए किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि हर दान की पारदर्शी गणना की जा रही है और जल्द ही इसका आधिकारिक लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाएगा। अंबाजी में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से आसपास के होटल, धर्मशालाओं और स्थानीय बाजारों में भी रौनक देखी गई। व्यापारी समुदाय ने बताया कि इस दौरान धार्मिक पर्यटन से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ हुआ है। दीपावली पर्व के अवसर पर अंबाजी मंदिर में उमड़ी इस भव्य आस्था की भीड़ ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि श्रद्धा और विश्वास की ज्योति हमेशा जन-जन के हृदय में उजाला फैलाती है।
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