गुजरात
गुजरात में SWAGAT से 5 हजार से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई
Ratna Netam
24 Sept 2026 9:08 PM IST

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गांधीनगर। गुजरात में नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए चलाए जा रहे टेक्नोलॉजी आधारित 'SWAGAT' कार्यक्रम के सितंबर संस्करण में राज्यभर से 5 हजार से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को आयोजित 'स्टेट SWAGAT' कार्यक्रम में नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को कई मामलों में निश्चित समयसीमा के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए। सितंबर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय में 200 से ज्यादा आवेदक मौजूद रहे।SWAGAT यानी 'State Wide Attention on Grievances by Application of Technology' की शुरुआत 2003 में तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुई थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से आम नागरिकों को प्रशासन के वरिष्ठ स्तर तक अपनी शिकायत पहुंचाने और उसके समाधान की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना था। राज्य स्तरीय SWAGAT कार्यक्रम प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित किया जाता है।
5,057 से ज्यादा आवेदकों की शिकायतों पर कार्रवाई
सितंबर के स्टेट SWAGAT कार्यक्रम के दौरान राज्यभर में कुल 5,057 आवेदकों की शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। इनमें जिला स्तर के 'डिस्ट्रिक्ट SWAGAT' में 2,277 आवेदन और 'तालुका SWAGAT' में 2,780 आवेदन शामिल थे। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी 200 से अधिक आवेदक कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।कार्यक्रम में भूपेंद्र पटेल ने भावनगर, मेहसाणा, जूनागढ़, मोरबी और राजकोट सहित अलग-अलग क्षेत्रों से आई शिकायतों को सुना। इनमें सड़क, ड्रेनेज, प्रदूषण, यातायात और किसानों से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को मामलों की स्थिति के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ड्रेनेज समस्या पर तत्काल व्यवस्था के निर्देश
भावनगर के थलसर गांव से भूमिगत ड्रेनेज की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। मामले में मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यवहार्यता का आकलन करने के बाद ड्रेनेज लाइन बिछाने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।मेहसाणा के कड़ी तालुका से औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित पानी छोड़े जाने से संबंधित शिकायत भी सामने आई। इस मामले में मुख्यमंत्री ने वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव को संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में अन्य क्षेत्रों से सड़क और यातायात जैसी स्थानीय समस्याएं भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। अधिकारियों को शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कदम उठाने के लिए कहा गया।
टेक्नोलॉजी के जरिए प्रशासन से सीधा संपर्क
SWAGAT कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें तकनीक का इस्तेमाल करते हुए राज्य, जिला और तालुका स्तर पर शिकायतों को प्रशासन के सामने रखा जाता है। मुख्यमंत्री स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाती है।SWAGAT की शुरुआत अप्रैल 2003 में की गई थी। इस व्यवस्था के पीछे नागरिकों और प्रशासन के बीच की दूरी कम करने तथा लंबे समय से लंबित शिकायतों को वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने का उद्देश्य बताया गया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक हालिया साक्षात्कार में भी कहा था कि जिला और तालुका स्तर के अधिकारियों को उनके स्तर पर ही शिकायतों का प्रभावी समाधान करने के लिए कहा जाता है।
हर महीने चौथे गुरुवार को होता है कार्यक्रम
स्टेट SWAGAT का आयोजन हर महीने के चौथे गुरुवार को किया जाता है। सितंबर 2026 का कार्यक्रम 24 सितंबर को आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पहले नागरिकों को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक गांधीनगर के स्वर्णिम संकुल-2 स्थित मुख्यमंत्री जनसंपर्क इकाई में अपनी शिकायत या आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा दी गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दोपहर के सत्र में नागरिकों की शिकायतों को सुना।इस व्यवस्था में केवल मुख्यमंत्री स्तर पर पहुंचने वाली शिकायतों पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि जिला और तालुका स्तर पर भी आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया संचालित होती है। सितंबर के आंकड़ों में जिला और तालुका स्तर पर आए हजारों आवेदन इसी व्यवस्था का हिस्सा रहे।
2003 में शुरू हुआ था SWAGAT
SWAGAT की शुरुआत उस समय हुई थी जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह कार्यक्रम नागरिकों को प्रशासन के शीर्ष स्तर तक शिकायत पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया था।सितंबर का SWAGAT कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हुआ जब गुजरात में 'सेवा संकल्प अभियान' भी चलाया जा रहा है। इस महीने भर के अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर की गई है। 17 सितंबर को वडनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में अभियान शुरू किया गया था।
शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर
सितंबर के कार्यक्रम में सामने आए मामलों में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल शिकायतें दर्ज करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने और कुछ मामलों में समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।ड्रेनेज से लेकर औद्योगिक प्रदूषण और स्थानीय बुनियादी सुविधाओं तक की शिकायतों पर विभागवार निर्देश दिए गए। राज्य सरकार SWAGAT को नागरिकों और प्रशासन के बीच प्रत्यक्ष संवाद की व्यवस्था के रूप में संचालित कर रही है।सितंबर 2026 में राज्य, जिला और तालुका स्तर पर सामने आए 5,057 से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई का आंकड़ा इस महीने के कार्यक्रम का प्रमुख बिंदु रहा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अलग-अलग जिलों से आए नागरिकों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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