गुजरात
Surat में बनेगा 125 करोड़ का भव्य इस्कॉन मंदिर CM भूपेंद्र पटेल ने रखी आधारशिला
Ratna Netam
25 Oct 2026 2:39 PM IST

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सूरत। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को सूरत के कोसमाडा में लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य इस्कॉन वराछा मंदिर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नरसिंह यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने भक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के बीच गहरे संबंध पर जोर दिया।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थान केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और एकता के सूत्र में बांधने का भी कार्य करते हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपनी धार्मिक आस्था को समाज के कल्याण और देश के विकास से जोड़ें।
विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा देश
मुख्यमंत्री पटेल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस सोच के तहत देश में आधुनिक विकास के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और समृद्ध विरासत से जुड़ी हुई है। आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है, लेकिन इसके साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित समाज में सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। ऐसे मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने से सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।
125 करोड़ रुपये की लागत से होगा मंदिर का निर्माण
सूरत के कोसमाडा क्षेत्र में प्रस्तावित इस्कॉन वराछा मंदिर के निर्माण पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। यह परियोजना क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।मंदिर के निर्माण से भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों को पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के लिए एक नया केंद्र मिलेगा। इस्कॉन की परंपरा के अनुरूप यहां भक्ति, धार्मिक शिक्षा और सेवा से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।मंदिर परिसर के निर्माण के बाद सूरत और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
नरसिंह यज्ञ में मुख्यमंत्री ने दी आहुति
आधारशिला समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धार्मिक विधि-विधान के साथ आधारशिलाओं का पूजन किया। इसके बाद उन्होंने नरसिंह यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।हिंदू धार्मिक परंपरा में भगवान नरसिंह को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। नरसिंह यज्ञ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है और इसे धार्मिक आस्था तथा कल्याण की भावना से जोड़ा जाता है।समारोह में मंदिर निर्माण की शुरुआत को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन की आवश्यकता भी बताई।
सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े धार्मिक संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विकास में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने भक्ति को केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक सेवा और जनकल्याण से जोड़ने का संदेश दिया।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं से नहीं होता, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण होता है। समाज के प्रति जिम्मेदारी, आपसी सहयोग और सेवा की भावना देश को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है।इस्कॉन जैसे धार्मिक संगठन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और भक्ति परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं। इनके माध्यम से आध्यात्मिक शिक्षा, धार्मिक आयोजन और विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
धार्मिक पर्यटन को भी मिल सकता है बढ़ावा
सूरत में बनने वाला नया इस्कॉन मंदिर भविष्य में धार्मिक पर्यटन के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। गुजरात में पहले से ही अनेक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।ऐसे में कोसमाडा में प्रस्तावित मंदिर से स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने पर आसपास के व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव मंदिर निर्माण पूरा होने और संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन के माध्यम से यह संदेश दिया कि आधुनिक विकास और आध्यात्मिक विरासत एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से सांस्कृतिक मूल्यों को संजोते हुए समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।सूरत के कोसमाडा में इस्कॉन वराछा मंदिर की आधारशिला रखे जाने के साथ ही लगभग 125 करोड़ रुपये की इस धार्मिक परियोजना की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
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