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अहमदाबाद: भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद में बनने वाले बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे पारंपरिक ट्रेनों के परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा कर लिया है। स्टेशन के पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) कार्य के तहत, कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने तीन नई ब्रॉड गेज लाइनों और उनसे जुड़े प्लेटफॉर्मों का निरीक्षण किया।
ये नई लाइनें - 16, 17 और 18 - अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 10, 11 और 12 से जुड़ी हैं। यह निरीक्षण मुंबई के वेस्टर्न सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी, ई. श्रीनिवास द्वारा किया गया।
हालांकि, इन प्लेटफॉर्मों पर यात्री सेवाएं तभी शुरू होंगी जब जरूरी सुरक्षा मंजूरी मिल जाएगी और बाकी तकनीकी व परिचालन संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। यह बुनियादी ढांचा, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के साथ-साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के व्यापक यार्ड रीमॉडलिंग और पुनर्विकास कार्य का हिस्सा है।
इस व्यवस्था से भारतीय रेलवे की पारंपरिक ट्रेनें बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे से चल सकेंगी, जो दोनों रेलवे प्रणालियों के एकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अहमदाबाद के डिविजनल रेलवे मैनेजर वेद प्रकाश ने कहा कि नए प्लेटफॉर्मों और ब्रॉड गेज लाइनों का पूरा होना रेलवे के आधुनिकीकरण में एक अहम पड़ाव है।
उन्होंने कहा, "बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे भारतीय रेलवे की ट्रेनों को चलाने के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्मों और ब्रॉड गेज लाइनों का पूरा होना, भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।" उन्होंने बताया कि हाई-स्पीड रेल परियोजना के तहत, अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे प्लेटफॉर्म 10, 11 और 12 के साथ-साथ उससे जुड़ा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
प्रकाश ने कहा, "यह आधुनिक रेलवे इंजीनियरिंग और विभिन्न रेलवे प्रणालियों के बीच तकनीकी तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है।" एक बार चालू हो जाने पर, इन प्लेटफॉर्मों से एक्सप्रेस ट्रेनें, वंदे भारत एक्सप्रेस और लोकल यात्री ट्रेनें गुजर सकेंगी। इससे स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का परिचालन अधिक कुशलता से हो सकेगा।
हाई-स्पीड रेल परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य के कारण, प्लेटफॉर्म 10 जुलाई 2022 से ही बंद है। नई ब्रॉड गेज लाइनों और प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा होने के बाद, अब यह स्टेशन प्लेटफॉर्म 10, 11 और 12 पर फिर से परिचालन शुरू करने के करीब आ गया है। CRS (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) के निरीक्षण में एक नई बनी ब्रॉड गेज बाईपास लाइन भी शामिल थी, जिसमें असरवा रेलवे स्टेशन और साबरमती 'ए' केबिन के बीच 'Y' आकार की कनेक्टिविटी दी गई है।
उम्मीद है कि यह लाइन अलग-अलग रूटों के बीच अतिरिक्त कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और अहमदाबाद क्षेत्र में ट्रेनों की आवाजाही की योजना और प्रबंधन को बेहतर बनाएगी। क्षेत्रीय रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन और कांकरिया डिपो के बीच एक पांचवीं रेलवे लाइन भी विकसित की जा रही है।
इस अतिरिक्त लाइन से ट्रेनों की आवाजाही को अधिक कुशलता से प्रबंधित करने, परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रकाश, प्रदीप गुप्ता और रेलवे के निर्माण तथा ओपन लाइन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पिछले कुछ वर्षों में अहमदाबाद रेलवे स्टेशन में काफी बदलाव आए हैं, क्योंकि रेल नेटवर्क का विस्तार हुआ है और कई सेक्शन को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। 2017 से पहले, प्लेटफॉर्म 11 और 12 से मीटर गेज ट्रेनें चलती थीं।
उस समय, अहमदाबाद–हिम्मतनगर मीटर गेज सेक्शन पर आठ जोड़ी यात्री ट्रेनें चलती थीं, जिनमें अहमदाबाद–उदयपुर फास्ट पैसेंजर, अहमदाबाद–खेड़ब्रह्मा पैसेंजर, अहमदाबाद–हिम्मतनगर पैसेंजर, अहमदाबाद–नंडोल–दहेगाम पैसेंजर और अहमदाबाद–उदयपुर एक्सप्रेस शामिल थीं।
इसके अलावा, उस समय पांच और जोड़ी यात्री ट्रेनें भी चलती थीं, जिनमें अहमदाबाद–मेहसाणा पैसेंजर, अहमदाबाद–बोटाद पैसेंजर, अहमदाबाद–रानूज पैसेंजर और अहमदाबाद–मेहसाणा एक्सप्रेस शामिल थीं। ये ट्रेनें अहमदाबाद को आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों से जोड़ती थीं।
मौजूदा पुनर्विकास कार्य (जिसमें तीन नई ब्रॉड गेज लाइनें और यार्ड का बड़े पैमाने पर पुनर्गठन शामिल है) का उद्देश्य रेल ट्रैफिक की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना और वेस्टर्न रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में से एक, अहमदाबाद स्टेशन पर इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग को बेहतर बनाना है।
प्रकाश ने बताया कि जरूरी सुरक्षा मंजूरी मिलने और निर्धारित प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद नए प्लेटफॉर्मों पर यात्री सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। वेस्टर्न रेलवे इस इंफ्रास्ट्रक्चर को यात्री सेवाओं के लिए खोलने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी और परिचालन संबंधी जांच भी कर रहा है। नए प्लेटफॉर्म, असरवा-साबरमती बाईपास और कांकरिया डिपो की ओर जाने वाली अतिरिक्त लाइन से कनेक्टिविटी मजबूत होने और अहमदाबाद के रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
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