गुजरात

गुजरात में 15 अगस्त से शुरू होगा 45 दिन का डिजिटल फसल सर्वे

SHIDDHANT
10 Aug 2026 11:22 PM IST
गुजरात में 15 अगस्त से शुरू होगा 45 दिन का डिजिटल फसल सर्वे
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Gujrat गुजरात : सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में खरीफ 2026 सीजन के लिए 15 अगस्त से 45 दिनों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल के तहत होने वाले इस सर्वे में राज्य के 18,197 गांवों के 95 लाख से अधिक कृषि भूखंडों को शामिल किया जाएगा। सर्वेक्षण 15 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा।
सरकार के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों द्वारा अपने खेतों में बोई गई खरीफ फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। इसके लिए नियुक्त सरकारी सर्वेक्षक गांवों में प्रत्येक खेत या सर्वे नंबर पर जाकर वहां उगाई गई फसल की जानकारी डिजिटल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज करेंगे। सर्वे के दौरान खेतों की जियो-टैग की गई तस्वीरें भी ली जाएंगी, जिससे फसल और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सके।
गुजरात में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत डिजिटल फसल सर्वेक्षण की शुरुआत 2024-25 से की गई थी। राज्य सरकार ने बताया कि इस बार खरीफ सीजन के लिए चिन्हित सभी पात्र कृषि भूखंडों को सर्वे के दायरे में लाया जाएगा। इससे राज्य में फसलों से संबंधित आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस अभियान की खास बात यह है कि फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसानों को स्वयं भी अपनी फसल का डिजिटल सर्वे करने की सुविधा दी गई है। किसान अपने मोबाइल फोन में डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप डाउनलोड कर अपने खेत या संबंधित सर्वे नंबर पर बोई गई फसल की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। यानी किसानों को हर स्थिति में सरकारी सर्वेक्षक के आने का इंतजार नहीं करना होगा।
कृषि निदेशालय ने किसानों से अपील की है कि वे 30 सितंबर तक अपने सभी सर्वे नंबरों का डिजिटल फसल सर्वे पूरा करा लें। किसान यह प्रक्रिया गांव में नियुक्त सर्वेक्षक की सहायता से पूरी कर सकते हैं या पात्र होने पर मोबाइल ऐप के जरिए स्वयं भी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
सरकार ने किसानों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित 45 दिनों की अवधि में राज्य के सभी चिन्हित गांवों और कृषि भूखंडों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल फसल सर्वे के जरिए खरीफ 2026 में बोई गई फसलों का व्यापक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें खेत की लोकेशन और फसल संबंधी जानकारी भी शामिल होगी।
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