
दीप नगर। लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी जांच और कार्रवाई की मुहिम तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत विभाग की टीम ने दीप नगर स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 3000 लीटर देसी गाय का घी जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान घी के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सरकार द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त किया गया घी खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि दीप नगर क्षेत्र स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में देसी गाय का घी रखा हुआ है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच अभियान शुरू किया। गोदाम की तलाशी के दौरान वहां भारी मात्रा में घी का भंडारण मिला। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया।
अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर ऐसे प्रतिष्ठानों और भंडारण केंद्रों की जांच की जाती है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। विभाग का उद्देश्य है कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुसार हो और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न किया जाए।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने घी के निर्धारित प्रक्रिया के तहत सैंपल लिए। इन नमूनों को सील कर सरकारी मान्यता प्राप्त लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट में घी की शुद्धता, गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट की जांच की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केवल खाद्य सामग्री जब्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार बाजारों, दुकानों, गोदामों और खाद्य उत्पादन इकाइयों की निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से दूध, घी, तेल, मिठाई और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद आसपास के व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन खाद्य सामग्री में मिलावट या मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, घी जैसे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। बाजार में बढ़ती मांग के कारण कई बार मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित जांच और कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। पैकेट पर दी गई जानकारी, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और गुणवत्ता प्रमाण से जुड़े विवरणों की जांच करें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की जा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की टीमें लगातार ऐसे स्थानों की पहचान कर रही हैं जहां खाद्य सामग्री का बड़े पैमाने पर भंडारण या बिक्री की जाती है। जांच अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल दीप नगर के गोदाम से जब्त किए गए करीब 3000 लीटर घी की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि घी मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा, जबकि मिलावट या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





