गुजरात

भावनगर जहरीली शराब त्रासदी में 13 और गिरफ्तार, मृतकों की संख्या 13; 67 लोगों ने पी थी शराब

Kavita2
25 Aug 2026 1:16 PM IST
भावनगर जहरीली शराब त्रासदी में 13 और गिरफ्तार, मृतकों की संख्या 13; 67 लोगों ने पी थी शराब
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भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई त्रासदी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार लोगों में मध्य प्रदेश का एक व्यक्ति भी शामिल है, जिस पर कथित तौर पर उस अवैध शराब को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है, जिसे पीने के बाद 13 लोगों की मौत हो गई।

गुजरात में शराब की बिक्री, खरीद और सेवन पर कानूनी रोक है। इसके बावजूद अवैध तरीके से तैयार की गई शराब की बिक्री ने एक बार फिर राज्य में अवैध शराब के नेटवर्क और उसकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब तक कई गिरफ्तारियां

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच आगे बढ़ाई गई। पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने रविवार को 13 और लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के एक बयान के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जहरीली शराब तैयार करने, उसमें मिलावट करने और उसे लोगों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

नए आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस उनके आपसी संपर्कों और अवैध शराब के नेटवर्क में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।

13 लोगों की मौत

अधिकारियों के मुताबिक, जहरीली शराब पीने के बाद अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 67 लोगों ने वह शराब पी थी।

पीड़ितों ने जिस शराब का सेवन किया था, उस पर एक लोकप्रिय भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) ब्रांड का लेबल लगा हुआ था। हालांकि, पुलिस जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि शराब वास्तव में कहां तैयार हुई, उसमें कौन-सा पदार्थ मिलाया गया और उसे बाजार तक कैसे पहुंचाया गया।

जांच में सामने आया है कि शराब में मेथनॉल मिला हुआ था। मेथनॉल एक अत्यधिक जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर विषाक्तता हो सकती है। बड़ी मात्रा में इसका सेवन जानलेवा भी हो सकता है।

मध्य प्रदेश के व्यक्ति की भूमिका की जांच

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 13 नए आरोपियों में मध्य प्रदेश का एक व्यक्ति भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीली शराब तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह व्यक्ति गुजरात कब आया, स्थानीय आरोपियों के संपर्क में कैसे आया और शराब तैयार करने की प्रक्रिया में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जहरीली शराब के लिए इस्तेमाल किया गया मेथनॉल कहां से हासिल किया गया था। इसके अलावा शराब की बोतलों पर लोकप्रिय IMFL ब्रांड का लेबल लगाने के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी भी जांच की जा रही है।

अवैध शराब के नेटवर्क पर फोकस

गुजरात में शराबबंदी लागू होने के बावजूद समय-समय पर अवैध शराब से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। भावनगर की घटना ने एक बार फिर इस व्यवस्था के बावजूद अवैध शराब के कारोबार के सक्रिय होने पर सवाल खड़े किए हैं।

जांच एजेंसियां अब केवल जहरीली शराब पीने से हुई मौतों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर ध्यान दे रही हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि शराब बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आया, उसे कहां तैयार किया गया और किन माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया गया।

इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े लोग शामिल हैं।

पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी

नए गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद जांच टीम को उनसे पूछताछ का अवसर मिला है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान शराब की सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क से जुड़े नए सुराग मिल सकते हैं।

पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर ही नई गिरफ्तारियां की गई हैं। इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों ने कथित तौर पर शराब की बिक्री के लिए किन लोगों से संपर्क किया था और इसे किन इलाकों में वितरित किया गया।

परिवारों में मातम, प्रशासन के सामने चुनौती

जहरीली शराब की घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम का माहौल है। कई लोगों के बीमार पड़ने के कारण स्थानीय स्तर पर प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने भी चुनौती पैदा हुई।

67 लोगों द्वारा शराब पीने की जानकारी सामने आने के बाद अधिकारियों को संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान और स्वास्थ्य स्थिति पर भी नजर रखनी होगी। मेथनॉल विषाक्तता के मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

जांच के आगे बढ़ने की उम्मीद

फिलहाल पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। 13 नई गिरफ्तारियों के बाद अधिकारियों का ध्यान अब अवैध शराब तैयार करने और उसकी आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जहरीली शराब में मेथनॉल किस स्तर पर मिलाया गया और क्या आरोपियों को इसके घातक प्रभाव की जानकारी थी। साथ ही लोकप्रिय शराब ब्रांड के लेबल का इस्तेमाल कैसे किया गया, यह भी जांच का अहम हिस्सा है।

भावनगर की यह त्रासदी गुजरात में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार से निपटने की चुनौती को सामने लाती है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी गिरफ्तारियां संभव हैं और जांच से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

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