गुजरात

11 करोड़ का साइबर फ्रॉड: गुजरात पुलिस ने पर्दाफाश किया

Tara Tandi
9 Oct 2026 3:40 PM IST
11 करोड़ का साइबर फ्रॉड: गुजरात पुलिस ने पर्दाफाश किया
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सूरत: सूरत साइबर क्राइम सेल ने पोरबंदर के एक 27 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने एक इंटरनेशनल साइबर क्राइम नेटवर्क को बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि इन अकाउंट्स के ज़रिए धोखाधड़ी से मिले पैसे निकाले जाते थे, उन्हें USDT में बदला जाता था और दुबई में छिपे एक आरोपी के निर्देश पर अलग-अलग वॉलेट में ट्रांसफर किया जाता था।
सूरत सिटी पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान दिव्येश उर्फ ​​बापू उर्फ ​​डिवलो मेघनाथी के तौर पर हुई है। उसे पोरबंदर से गिरफ्तार किया गया और छह दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि यह मामला तब दर्ज किया गया जब आरोपी और उसके साथियों ने साइबर धोखाधड़ी से पैसे हासिल करने की साजिश रची और उस पैसे के एक हिस्से से एक ज्वेलरी शॉप से ​​सोने की अंगूठी खरीदी।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 317(4), 318(4), 61(2) और 3(5) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अमेंडमेंट एक्ट, 2008 की धारा 66(D) के तहत दर्ज किया गया है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, दिव्येश ने कथित तौर पर कमीशन के बदले फरार आरोपियों से "म्यूल" बैंक अकाउंट हासिल किए और उनकी जानकारी दुबई में रह रहे एक अन्य फरार आरोपी के साथ शेयर की।
पुलिस ने बताया कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल बाद में साइबर धोखाधड़ी से मिले पैसे को प्राप्त करने के लिए किया गया, जिसमें चीनी लोगों से मिले पैसे भी शामिल थे।
आरोपी और उसके साथियों ने कथित तौर पर ATM और चेक के ज़रिए पैसे निकाले और ट्रांज़ैक्शन की रकम का 13 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर अपने पास रखा।
बाकी बचे पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर अलग-अलग लोगों से USDT खरीदने और दुबई में मौजूद आरोपी के निर्देशानुसार अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल फोन बरामद किया और अलग-अलग बैंकों के 79 बैंक अकाउंट्स की जानकारी पाई।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर इन अकाउंट्स की जांच करने पर पता चला कि 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इनसे जुड़ी 53 शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में गुजरात से नौ, उत्तर प्रदेश से सात, तेलंगाना से पांच, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से तीन-तीन, और आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, केरल और मध्य प्रदेश से दो-दो मामले शामिल थे। दिल्ली, गोवा, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और असम में एक-एक शिकायत दर्ज की गई।
पुलिस ने बताया कि कुल 53 शिकायतों से पता चला कि इनमें 11,03,06,584 रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है।
साइबर क्राइम सेल ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन या अन्य लालच देने वाले लोगों को अपने बैंक अकाउंट न सौंपें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा सकता है और अकाउंट होल्डर को उन अकाउंट से हुए ट्रांज़ैक्शन के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस ने फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को सलाह दी कि वे तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन '1930' पर कॉल करें। उन्होंने कहा कि जल्द रिपोर्ट करने से संबंधित बैंक अकाउंट में पैसे फ्रीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है।
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