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मांगों को लेकर अड़े सरकारी डॉक्टर, दी ये चेतावनी

Shantanu Roy
13 Dec 2023 10:01 AM GMT
मांगों को लेकर अड़े सरकारी डॉक्टर, दी ये चेतावनी
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यमुनानगर। डॉक्टरों द्वारा 29 दिसंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा से हरियाणा में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एमरजेंसी सेवाएं ठप्प किए जाने के ऐलान से लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इसी को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार से समय रहते मांगों को लागू करके हड़ताल को टालने की अपील की है।

बता दें कि हरियाणा के लगभग 3000 सरकारी डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से बार-बार अपील कर रहे हैं। पिछले सप्ताह जहां सरकारी डॉक्टरों ने 2 घंटे के लिए ओपीडी बंद की थी, वहीं 27 दिसंबर को एक दिन के लिए हड़ताल कर ओपीडी पुरी तरह बंद रखने का ऐलान किया गया है। मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मानी गई मांगों को लागू नहीं किया तो 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करके सभी तरह की सेवाएं ठप्प कर दी जाएगी।

मेडिकल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर विपिन गोंदवाल का कहना है कि लगभग दो साल पहले प्रदेश के डॉक्टर अपनी मांगे मनवाने के लिए हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए थे। जिसके बाद सरकार ने मांगों को उचित ठहराते हुए शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इन दो वर्षों में इन मांगों को लागू करने में सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह 2 घंटे के लिए ओपीडी बंद की गई थी। अब 27 दिसंबर को एक दिन के लिए पूरे हरियाणा के डॉक्टर ओपीडी बंद कर हड़ताल करेंगे और 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

डॉक्टर गोंदवाल का कहना है कि स्पेशलिस्ट केडर बनाने, एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने और सर्विस रूल में संशोधन करने, केंद्र व दिल्ली और बिहार के तर्ज पर चार वर्ष, नौ वर्ष, 13 वर्ष ,20 वर्ष की सेवा वाले डॉक्टर पर एसीपी लागू करने, डॉक्टरों की पर्सनल फाइल को तुरंत फाइनल करने की मांग को लेकर डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजन शर्मा का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा के डॉक्टर को अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की की डॉक्टरों की सभी मांगों को समय रहते लागू किया जाए ताकि हड़ताल की नौबत ही ना आए।

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