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वास्को: बॉम्बे हाई कोर्ट (गोवा पीठ) के निर्देश पर, मोर्मुआओ पोर्ट अथॉरिटी (MPA) ने बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मोर्मुआओ के साडा में बाड़ लगाने का काम शुरू किया। यह कदम विवादित पोर्ट भूमि को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है, जहां 'मुर्गाओ चा राजा' के नाम से मशहूर शेड को गिरा दिया गया था।
इस कार्रवाई की निगरानी के लिए दक्षिण गोवा की कलेक्टर एग्ना क्लीटस (IAS), मोर्मुआओ के डिप्टी कलेक्टर और SDM प्रतापराव गौंकर, मामलतदार प्रवीणजय पंडित, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नलास्को रापोसो और गुरुदास कदम के साथ-साथ MPA के अधिकारी भी मौजूद थे।
हाई कोर्ट ने 3 नवंबर के अपने आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे MPA को बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएं। कोर्ट ने कहा कि भले ही शेड को गिराने का आदेश लागू कर दिया गया है और शेड हटा दिया गया है, लेकिन आगे किसी भी तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए इस जमीन को बाड़ लगाकर सुरक्षित करना जरूरी है। कोर्ट ने 7 अक्टूबर की घटना पर भी कड़ा संज्ञान लिया, जिसमें कथित तौर पर संपत्ति को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे MPA अधिकारियों के साथ मारपीट की गई थी।
स्थिति को देखते हुए, मोर्मुआओ के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) ने वास्को में पोर्ट भूमि के आसपास 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। ये प्रतिबंध 3 नवंबर से लागू हो गए हैं और 5 नवंबर की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेंगे।
हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में दक्षिण गोवा के कलेक्टर और SP को सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि बाड़ लगाने का काम पूरा हो जाए। बोगदा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को भी MPA को पूरी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
बाड़ लगाने के इस काम में लगभग दो दिन लगने की उम्मीद है, और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि काम में कोई रुकावट न आए।
हाई कोर्ट ने कलेक्टर और दक्षिण गोवा के SP को अपने निर्देशों के पालन के संबंध में एक अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) सौंपने का भी निर्देश दिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की गई है। उस दिन कोर्ट बाड़ लगाने के काम की प्रगति और 3 नवंबर के आदेश के पालन की समीक्षा करेगा।
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