गोवा

तेजपाल को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने टाली सुनवाई

Tara Tandi
4 Nov 2026 3:18 PM IST
तेजपाल को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने  टाली सुनवाई
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पणजी: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तरुण तेजपाल की उन याचिकाओं पर सुनवाई 5 नवंबर तक टाल दी, जिनमें उन्होंने 2013 के बलात्कार मामले में अपनी दोषसिद्धि और 10 साल की कठोर कारावास की सजा को चुनौती दी है। वहीं, गोवा सरकार ने भी एक याचिका दायर कर उनकी सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास करने की मांग की है।
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने मामले की सुनवाई तब स्थगित कर दी, जब गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने और समय मांगा।
तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई टालने का विरोध तो नहीं किया, लेकिन कोर्ट से आग्रह किया कि उनके मुवक्किल को दिवाली के दौरान जेल से बाहर आने की अनुमति दी जाए। सिब्बल ने कहा, "अगर वे समय लेना चाहते हैं, तो ले सकते हैं। लेकिन (तेजपाल को) दिवाली के दौरान बाहर आने दिया जाए।"
इस अनुरोध का विरोध करते हुए मेहता ने कहा कि तेजपाल को दोषी ठहराया जा चुका है। इस पर सिब्बल ने पलटवार करते हुए कहा, "तो क्या हुआ? यह बरी किए जाने के फैसले को पलटने का मामला है। वह दिवाली के लिए घर आ सकते हैं। उन्हें जेल के अंदर क्यों रहना चाहिए?"
राज्य सरकार ने त्योहार के दौरान तेजपाल को रिहा करने की मांग का विरोध किया। बेंच ने यह राहत नहीं दी और अगली सुनवाई 5 नवंबर के लिए तय कर दी।
तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट (गोवा पीठ) के 6 अगस्त के फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें तेजपाल को बरी कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने उन्हें बलात्कार और भारतीय दंड संहिता (IPC) के अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उन्हें सरेंडर करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया था।
इसके अलावा, गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मांग की है कि तेजपाल की 10 साल की कठोर कारावास की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास कर दिया जाए।
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