गोवा

शादी से पहले लेना होगा रिश्तों का ज्ञान! शुरू होगा 15 दिन का कोर्स

nidhi
5 Nov 2026 9:01 AM IST
शादी से पहले लेना होगा रिश्तों का ज्ञान! शुरू होगा 15 दिन का कोर्स
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शादी निभाने के गुर सिखाएगा कॉलेज, 2 दिसंबर से 15 दिन का कोर्स
पणजी: शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम, समझदारी और जिम्मेदारियों से जुड़ा जीवनभर का रिश्ता है। लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ती अपेक्षाओं और आपसी मतभेदों के कारण कई वैवाहिक रिश्तों में तनाव देखने को मिल रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए गोवा के एक कॉलेज ने अनूठी पहल की है। अब युवाओं को शादी से पहले वैवाहिक जीवन की चुनौतियों, जिम्मेदारियों और रिश्तों को मजबूत बनाने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके लिए कॉलेज ने 15 दिवसीय विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस ने 'मैरिज रेडिनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स' नाम से एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया है। यह कोर्स 2 दिसंबर से 17 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल शादी की तैयारियों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें सफल और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना है।
शादी से पहले सिखाए जाएंगे रिश्ते निभाने के गुर
कॉलेज के मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग ने इस विशेष पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। कॉलेज के प्राचार्य महेश पई के अनुसार, शादी की तैयारी केवल समारोह आयोजित करने, कपड़े खरीदने या अन्य व्यवस्थाएं करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं, अपने जीवनसाथी और रिश्ते से जुड़ी जिम्मेदारियों को भी समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस कोर्स में युवाओं को आपसी संवाद, भावनात्मक समझ, प्रतिबद्धता और वैवाहिक जीवन की वास्तविक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे रिश्तों की नींव तैयार करना है, जो आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित हों।
15 दिनों के कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
इस विशेष पाठ्यक्रम में शादी और वैवाहिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। विद्यार्थियों को डेटिंग के उद्देश्य और उसके विभिन्न पहलुओं, आत्म-जागरूकता, रिश्तों में भावनात्मक जरूरतों तथा महिला-पुरुष की सामाजिक भूमिकाओं के प्रभाव के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा शादी के समारोह और वास्तविक वैवाहिक जीवन के बीच अंतर समझाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। युवाओं को यह समझने में मदद की जाएगी कि किसी रिश्ते को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए केवल आकर्षण या प्रेम पर्याप्त नहीं होता, बल्कि धैर्य, जिम्मेदारी और आपसी समझ भी आवश्यक है। कॉलेज का मानना है कि जब युवा शादी से पहले अपने विचारों, अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझेंगे, तो भविष्य में रिश्तों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक तैयार हो सकेंगे।
गोवा में बढ़ते वैवाहिक विवादों ने बढ़ाई चिंता
गोवा में वैवाहिक विवादों और तलाक से जुड़े मामलों को लेकर सरकार की चिंता भी बढ़ी है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच गोवा की दीवानी अदालतों में विवाह और तलाक से संबंधित 3,000 से अधिक याचिकाएं दाखिल हुईं। इनमें अकेले वर्ष 2024 में 947 याचिकाएं दर्ज की गई थीं। इन आंकड़ों में विवाह और तलाक दोनों से संबंधित याचिकाएं शामिल हैं। इसलिए इन्हें केवल तलाक के मामलों की संख्या नहीं माना जा सकता। इन परिस्थितियों के बीच गोवा सरकार भी विवाह से पहले परामर्श की व्यवस्था शुरू करने की दिशा में विचार कर रही है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हाल ही में राज्यभर में प्री-मैरिज काउंसलिंग शुरू करने की मंशा जताई थी, ताकि विवाह करने वाले जोड़े एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें और भविष्य में होने वाले विवादों की आशंका कम हो।
कौन कर सकेगा इस विशेष कोर्स में भागीदारी?
इस पाठ्यक्रम में स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा अविवाहित युवा और स्वस्थ रिश्तों के बारे में सीखने में रुचि रखने वाले अन्य लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इस कोर्स की विशेषता यह है कि इसमें केवल विवाह करने जा रहे लोगों को ही नहीं, बल्कि रिश्तों और पारिवारिक जीवन को बेहतर ढंग से समझने के इच्छुक युवाओं को भी अवसर दिया जाएगा।
करियर की तरह शादी की तैयारी भी जरूरी
कॉलेज ने अपने पाठ्यक्रम के परिचय में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। जब लोग अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए लगभग 20 वर्षों तक पढ़ाई और तैयारी करते हैं, तो जीवन के इतने महत्वपूर्ण रिश्ते यानी विवाह के लिए तैयारी पर कितना समय देते हैं? इस सवाल के माध्यम से कॉलेज युवाओं को विवाह से पहले आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करना चाहता है। कॉलेज की यह पहल वैवाहिक जीवन को लेकर युवाओं के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। रिश्तों में संवाद की कमी, अवास्तविक अपेक्षाएं और भावनात्मक जरूरतों को न समझ पाना तनाव का कारण बन सकते हैं। ऐसे में विवाह पूर्व परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, कोई भी प्रशिक्षण सफल विवाह की गारंटी नहीं दे सकता। गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस का यह 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स इस विचार को आगे बढ़ाता है कि शादी केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि लंबे समय तक निभाई जाने वाली साझेदारी है। ऐसे में विवाह से पहले रिश्तों की समझ विकसित करना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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