गोवा

South Goa में अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
29 May 2026 11:59 AM IST
South Goa में अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार
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GOA गोवा: साउथ गोवा के वर्ना इंडस्ट्रियल एस्टेट में पुलिस ने एक बड़े अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर बैंक कर्मचारी बनकर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क इंटरनेट-आधारित कॉलिंग सिस्टम के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसमें आरोपी खुद को अमेरिका स्थित बैंकों का कर्मचारी बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे। इस दौरान वे लोगों को विभिन्न बहानों से गुमराह कर गिफ्ट कार्ड या अन्य माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते थे।

यह कार्रवाई 28 मई की सुबह मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने वर्ना स्थित एक फैक्ट्री हब पर छापा मारा। छापे के दौरान यह पाया गया कि वहां से एक संगठित तरीके से अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जो विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 26 आरोपी देश के विभिन्न राज्यों से संबंधित हैं, जिनमें नागालैंड, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। ये सभी आरोपी साउथ गोवा के सैंकोले इलाके में किराए के मकानों में रहकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेहद संगठित तरीके से काम कर रहे थे और कॉलिंग के लिए विशेष सॉफ्टवेयर और तकनीक का उपयोग किया जा रहा था, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे और वे विदेशी नागरिकों को आसानी से निशाना बना सकें।

पुलिस ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम और संदिग्ध डाटा भी जब्त किया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संबंध हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।

इस मामले के सामने आने के बाद साइबर क्राइम यूनिट और अन्य एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे रैकेट के पीछे कौन लोग हैं और कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के साइबर फ्रॉड नेटवर्क देश की छवि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसे को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, साउथ गोवा में हुआ यह खुलासा साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाता है और यह भी साबित करता है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर संगठित ठगी के बड़े नेटवर्क सक्रिय हैं, जिन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की जरूरत है।

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