
गोवा | गोवा का महानंद नाइक, जिसे ‘दुपट्टा किलर’ के नाम से जाना जाता है, 15 साल तक हर साल एक सुंदर युवती की हत्या करता रहा। उसके खौफनाक अपराधों की कहानी जब सामने आई, तो पूरा देश दहल गया।
महानंद पहली नजर में एक सीधा-सादा, गरीब इंसान लगता था, लेकिन उसकी सच्चाई कुछ और ही थी। उसने 2007 में पहली बार पकड़े जाने के बाद पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने 15 से ज्यादा महिलाओं को मौत के घाट उतारा। वह पहले युवतियों से दोस्ती करता, फिर प्यार के जाल में फंसाकर उनका गला दुपट्टे से घोंट देता।
कैसे बन गया ‘दुपट्टा किलर’?
महानंद नाइक शुरू में छोटे-मोटे अपराध करता था, लेकिन जल्द ही उसे धोखे से महिलाओं को फंसाने और उनकी हत्या करने की लत लग गई। वह अमीर परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाता और उनके पैसे व गहने लूट लेता। हर हत्या के बाद वह किसी और खूबसूरत लड़की की तलाश में निकल पड़ता।
आखिर कैसे पकड़ा गया?
2009 में पुलिस ने उसे गहनों की चोरी के एक मामले में पकड़ा। जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने एक के बाद एक कई हत्याओं की कहानी उगल दी। उसने यह भी बताया कि हर साल एक नई लड़की को मारना उसकी आदत बन चुकी थी।
अब कहां है महानंद?
अदालत ने उसे कई मामलों में दोषी करार दिया, लेकिन कई हत्याओं के सबूत न मिलने की वजह से कुछ मामलों में वह बरी भी हो गया। आज भी वह एक सीरियल किलर के तौर पर भारत के सबसे खतरनाक अपराधियों में गिना जाता है।महानंद की यह खौफनाक दास्तान पुलिस और समाज के लिए एक सबक बन गई है कि कैसे एक आम इंसान के चेहरे के पीछे एक खतरनाक कातिल छिपा हो सकता है।





