
GOA गोवा: राज्य सरकार ने बाली गांव के भगतवाड़ा इलाके में एक तेंदुए के बच्चे की मौत की जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार रात कुछ स्थानीय लोगों ने तेंदुए का बच्चा मृत पाया और इसकी जानकारी वन विभाग को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत तेंदुए के बच्चे का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
वन मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को बताया कि उन्होंने प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट कमल दत्ता से घटना की पूरी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि तेंदुए के बच्चे की मौत की वजहों का पता लगाया जाएगा और अगर किसी की लापरवाही या जंगली जानवरों के संरक्षण में कमी पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, 2 मई को गोवा के कुशावती जिले में भगवान महावीर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के पास एक बाघ का सड़ा हुआ शव मिला था। वन विभाग ने उस समय भी मामले की जांच की थी और आसपास के क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए थे।
गोवा में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने लगातार सतर्कता बढ़ाई है। स्थानीय लोगों को वन्यजीवों से जुड़े मामलों में तुरंत जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। तेंदुए और बाघ जैसी बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए वन विभाग कई पहल कर रहा है, जिनमें इलाके में निगरानी बढ़ाना और वन्यजीव-human संघर्ष कम करने के उपाय शामिल हैं।
वन मंत्री राणे ने बताया कि तेंदुए के बच्चे की मौत से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाने के लिए जंगल में गश्त बढ़ाई जाएगी और आसपास के ग्रामीणों से भी सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनके जीवन क्षेत्रों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल के पास बढ़ते मानव संपर्क और इलाकों में खेती-बाड़ी से कभी-कभी वन्यजीवों को खतरा होता है। इस वजह से वन विभाग और राज्य सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मृत तेंदुए के बच्चे की मौत के कारणों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से गोवा में वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को भी उजागर किया गया है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़ या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





